असम में हिमंत 2.0 का शंखनाद: लगातार दूसरी बार सीएम बने सरमा, गुवाहाटी में दिखा NDA का शक्ति प्रदर्शन
News Image

असम की राजनीति में आज एक नया इतिहास लिखा गया है। भाजपा के कद्दावर नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज मैदान में असम के मुख्यमंत्री के रूप में लगातार दूसरी बार शपथ ली। यह जीत न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूर्वोत्तर में भाजपा के बढ़ते दबदबे का प्रमाण भी है।

दिग्गजों की मौजूदगी और NDA का शक्ति प्रदर्शन

शपथ ग्रहण समारोह किसी भव्य उत्सव से कम नहीं था। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सरमा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री मौजूद रहे। कार्यक्रम में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की उपस्थिति ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है।

नई कैबिनेट: संतुलन और अनुभव का संगम

मुख्यमंत्री के साथ चार अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें रामेश्वर तेली, अजंता नेओग, अतुल बोरा (AGP) और चरण बोरो (BPF) शामिल हैं। इसके साथ ही अनुभवी नेता रंजीत कुमार दास को विधानसभा का स्पीकर बनाया गया है। शपथ लेते ही सरमा ने स्पष्ट संकेत दिए कि उनका यह कार्यकाल घोषणाओं से आगे बढ़कर काम पूरा करने (Execution Mode) पर केंद्रित होगा।

कांग्रेस से भाजपा के किंगमेकर तक का सफर

हिमंत बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर किसी फिल्मी पटकथा जैसा है। कांग्रेस के रणनीतिकार से भाजपा के सबसे बड़े ट्रबल शूटर बनने तक का उनका सफर यह बताता है कि वे जमीन से जुड़े नेता हैं। 126 में से 102 सीटों का प्रचंड जनादेश यह साबित करता है कि असम की जनता ने उनके विकास मॉडल और साहसी फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी है।

भावुक पल और जनता की उम्मीदें

समारोह के दौरान सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां और बेटी सुकन्या सरमा की आंखों में गर्व साफ झलक रहा था। हालांकि, सरमा के लिए यह जीत केवल सत्ता का सुख नहीं, बल्कि एक भारी जिम्मेदारी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भाजपा अब विस्तार के दौर से निकलकर परिणाम देने के दौर में प्रवेश कर चुकी है।

आगे की राह: क्या उम्मीद करें?

हिमंत 2.0 सरकार के सामने अब असली परीक्षा है। प्रचंड बहुमत के साथ जनता ने उनसे बड़े बदलाव और तेज विकास की उम्मीदें पाली हैं। क्या यह दूसरा कार्यकाल राज्य में शांति और समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा, या नए राजनीतिक समीकरणों का जन्म होगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे, लेकिन फिलहाल पूरा असम हिमंत युग के दूसरे चरण का गवाह बन रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

सचिन तेंदुलकर भी रह गए दंग: गांव के बच्चों के देसी जुगाड़ ने रुकने पर मजबूर की मास्टर ब्लास्टर की कार

Story 1

पेट्रोल-डीजल बचाएं, सोना न खरीदें और स्वदेशी अपनाएं: पीएम मोदी की देशवासियों से खास अपील

Story 1

बाजार की भारी बिकवाली के बीच ONGC और Oil India की रॉकेट चाल, जानें क्या है वजह?

Story 1

टिम डेविड पर गिरी IPL की गाज: अश्लील इशारा करना पड़ा भारी, कटा तगड़ा चालान

Story 1

अजमेर दरगाह की बड़ी देग में कूदा युवक, कर्मचारियों ने जमकर पीटा; वीडियो वायरल

Story 1

श्रेयस अय्यर का बाएं हाथ का जादू : एक हाथ से जड़ा 80 मीटर लंबा छक्का, कोहली की बराबरी कर मचाया तहलका

Story 1

12 मई 2026: दुनिया भर में मौसम का रौद्र रूप , कहीं ओले तो कहीं बाढ़ का कहर

Story 1

क्या झारखंड भाजपा का सिस्टम आउटडेटेड हो गया है? पार्टी में अब सॉफ्टवेयर बदलने की मांग

Story 1

क्या चुनाव खत्म होते ही पैनिक का दौर शुरू? पीएम मोदी की 8 अपीलों पर छिड़ा सियासी संग्राम

Story 1

गाजियाबाद में स्कूटी हटाने को लेकर मामूली विवाद, 15 दबंगों ने घर में घुसकर युवक को पीटा