6 हजार किमी रेंज, तुर्किए की नई मिसाइल यिल्दिरिमहान से बदला वैश्विक सुरक्षा का गणित
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पूरा मध्य-पूर्व (Middle East) पहले से ही बारूद के ढेर पर बैठा है। ईरान-इजरायल तनाव और क्षेत्रीय संघर्षों के बीच तुर्किए ने एक ऐसी सैन्य ताकत हासिल कर ली है, जिसने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। तुर्किए ने अपनी पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) यिल्दिरिमहान का अनावरण किया है, जिसकी मारक क्षमता 6,000 किलोमीटर बताई गई है।

क्या है यिल्दिरिमहान की ताकत?

यिल्दिरिमहान का अर्थ है बिजली गिराने वाला । रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी मिसाइल को ICBM तब माना जाता है जब उसकी रेंज 5,500 किलोमीटर से अधिक हो। तुर्किए की यह मिसाइल न केवल लंबी दूरी तय करने में सक्षम है, बल्कि इसकी गति मैक 25 (ध्वनि की गति से 25 गुना तेज) बताई जा रही है।

इतनी तीव्र गति का अर्थ है कि दुश्मन के रडार और डिफेंस सिस्टम को प्रतिक्रिया देने का समय तक नहीं मिलेगा। तीन हजार किलोग्राम का भारी पेलोड ले जाने में सक्षम यह मिसाइल इस्तांबुल की एरोस्पेस एवं डिफेंस प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बनी रही।

6,000 किमी की जद में कौन-कौन से देश?

यदि तुर्किए की राजधानी अंकारा को केंद्र माना जाए, तो 6,000 किलोमीटर की रेंज में दुनिया का एक बड़ा हिस्सा आता है:

तुर्किए की स्वदेशी महत्वाकांक्षा

तुर्किए ने पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। अपने ड्रोन्स और मिसाइल सिस्टम के दम पर वह वैश्विक स्तर पर एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है। हालांकि, यिल्दिरिमहान का कितना हिस्सा पूर्णतः स्वदेशी है, इस पर अभी भी चर्चा जारी है। तुर्किए के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि इसे उनके आर एंड डी सेंटर ने विकसित किया है, लेकिन इसके इंजन और गाइडेंस सिस्टम की विदेशी तकनीकी निर्भरता पर फिलहाल पर्दा है।

भारत के लिए मायने

तुर्किए के पाकिस्तान के साथ करीबी रक्षा संबंध किसी से छिपे नहीं हैं। ऐसे में तुर्किए की यह लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता भारत के रणनीतिक विश्लेषकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है। हालांकि भारत के पास पहले से ही स्वदेशी अग्नि सीरीज की मिसाइलें मौजूद हैं जो परमाणु डिटरेंस के रूप में कार्य करती हैं, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों में तुर्किए का यह कदम एक नए शक्ति संतुलन की ओर इशारा करता है।

निष्कर्ष: क्या यह दुनिया के लिए खतरा है?

यिल्दिरिमहान केवल एक हथियार नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक हथियार भी है। यह तुर्किए के उस इरादे को दर्शाता है कि वह अब केवल क्षेत्रीय खिलाड़ी नहीं रहना चाहता, बल्कि अपनी रणनीतिक मारक क्षमता से यूरोप और एशिया के बड़े भू-भाग को प्रभावित करने की ताकत रखता है। वैश्विक शांति के लिहाज से, ऐसी मिसाइल का परीक्षण एक नए हथियारों की दौड़ (Arms Race) की शुरुआत भी हो सकता है।

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