बिजनेस जगत के लिए बड़ी राहत: सरकार लाई ECLGS 5.0, 2.55 लाख करोड़ का मिलेगा सपोर्ट
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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS 5.0) को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बाजार में नकदी (लिक्विडिटी) का प्रवाह बनाए रखना और भारतीय व्यवसायों को वित्तीय संकट से बचाना है।

2.55 लाख करोड़ की ऑक्सीजन सरकार ने इस योजना के तहत बाजार में 2,55,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लोन पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसका सीधा फायदा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और एयरलाइन सेक्टर को मिलेगा, जो वैश्विक अस्थिरता के कारण सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

MSME और एयरलाइंस को कितना मिलेगा फायदा? MSMEs और अन्य व्यवसायों को उनकी चौथी तिमाही (FY26) में इस्तेमाल की गई वर्किंग कैपिटल का 20% तक अतिरिक्त लोन मिल सकेगा। इसके लिए अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपये तय की गई है। वहीं, संकट में फंसी एयरलाइंस के लिए यह मदद 100% तक हो सकती है, जिसकी सीमा प्रति उधारकर्ता 1,500 करोड़ रुपये है। एयरलाइन सेक्टर के लिए विशेष रूप से 5,000 करोड़ रुपये का बजट आरक्षित किया गया है।

बिना गारंटी और शून्य फीस छोटे व्यापारियों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि इस लोन के लिए उन्हें कोई अतिरिक्त कोलेटरल (संपत्ति) गिरवी रखने की जरूरत नहीं होगी। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) MSMEs के लिए 100% और अन्य बड़े व्यवसायों व एयरलाइंस के लिए 90% लोन की गारंटी देगी। साथ ही, कर्ज पर कोई गारंटी फीस नहीं ली जाएगी। यह सुविधा उन सभी व्यवसायों के लिए है जिनके खाते 31 मार्च 2026 तक स्टैंडर्ड (डिफॉल्ट मुक्त) थे।

लोन वापसी के लिए आसान शर्तें सरकार ने कर्ज चुकाने के लिए लचीली शर्तें रखी हैं। MSMEs के लिए लोन की अवधि 5 साल है, जिसमें पहले साल मूलधन चुकाने से छूट (मोराटोरियम) मिलेगी। वहीं, एयरलाइन सेक्टर को 7 साल का समय दिया गया है, जिसमें 2 साल का मोराटोरियम शामिल है। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक मंजूर होने वाले सभी लोन पर प्रभावी होगी।

सरकार ने क्यों उठाया यह कदम? कैबिनेट का मानना है कि पश्चिम एशिया के संघर्ष से सप्लाई चेन बाधित हुई है और नकदी की किल्लत बढ़ रही है। इस योजना का मकसद घरेलू उत्पादन को जारी रखना और नौकरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है ताकि कैश की कमी के कारण कोई भी बिजनेस बंद न हो।

शेयर बाजार पर असर सरकारी घोषणा के बाद शेयर बाजार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। विशेष रूप से एयरलाइन सेक्टर की कंपनियों जैसे इंडिगो और कोफोर्ज के शेयरों में तेजी देखी जा रही है, जो इस राहत पैकेज से मिलने वाले लाभ का संकेत है।

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