मनाली में पर्यटकों की सुविधा के लिए लगाया गया अत्याधुनिक स्मार्टफोन चार्जिंग स्टेशन अपनी शुरुआत के कुछ ही घंटों के भीतर कचरे के ढेर में तब्दील हो गया। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के प्रति नागरिकों की उदासीनता को भी उजागर कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? हिमाचल प्रदेश सरकार ने पीक टूरिस्ट सीजन को देखते हुए मनाली में यह चार्जिंग पॉइंट स्थापित किया था। इसका उद्देश्य सैलानियों को यात्रा के दौरान निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना था। हालांकि, शनिवार को स्थानीय निवासी निखिल सैनी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में यह चार्जिंग स्टेशन कचरे से भरा हुआ दिखाई दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि वहां डस्टबिन मौजूद होने के बावजूद लोगों ने चार्जिंग पॉइंट को ही कूड़ेदान बना दिया।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। एक यूजर ने लिखा, कोई भी सरकारी योजना तब तक सफल नहीं हो सकती जब तक जनता में जिम्मेदारी का भाव न हो। वहीं, अन्य लोगों ने प्रशासन से सख्त जुर्माने और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। प्रसिद्ध व्यक्तित्व मोहनदास पाई ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल सुविधाएं देना काफी नहीं है, उनके प्रबंधन और नागरिक बोध (civic sense) को सुधारने की भी उतनी ही जरूरत है।
बुनियादी ढांचे का अपमान यह घटना केवल मनाली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई पर्यटन स्थलों की कड़वी सच्चाई है। अक्सर देखा जाता है कि सरकार बड़ी लागत से सार्वजनिक सुविधाएं तो बना देती है, लेकिन कुछ ही समय में भीड़ और लापरवाही के कारण वे बर्बाद हो जाती हैं। मनाली की यह घटना साबित करती है कि जब तक नागरिकों की मानसिकता में बदलाव नहीं आएगा, तब तक सरकार द्वारा किए गए विकास कार्य अपना महत्व खोते रहेंगे।
प्रशासन के लिए एक सबक यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है। बुनियादी ढांचे का निर्माण करना आधा काम है; दूसरा आधा हिस्सा उसका सही रखरखाव और जनता को अनुशासित करना है। यदि सार्वजनिक संपत्तियों का दुरुपयोग इसी तरह जारी रहा, तो पर्यटकों की सुविधा के लिए किए जा रहे ये प्रयास भविष्य में भी विफल ही साबित होंगे। विकास और जागरूकता का साथ चलना ही इस समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान है।
Himachal govt installs a charging point in Manali for tourists to charge phones and gadgets, and within hours people turn it into a dustbin. No Swachh Bharat or any scheme can fix this nation, only an iron fist policy can bring change. pic.twitter.com/EyTuv0eqn2
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) May 2, 2026
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