महाराष्ट्र की राजनीति में भाषाई मुद्दों को लेकर एक बार फिर घमासान छिड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड विधायक नीतेश राणे ने समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी के मराठी भाषा पर दिए गए बयानों पर तीखा हमला बोला है।
मदरसों में मराठी का मुद्दा अबू आजमी द्वारा मराठी स्कूलों और भाषा को लेकर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए नीतेश राणे ने कहा कि मराठी पर नसीहत देने से पहले आजमी को अपने संस्थानों के भीतर झांकना चाहिए। राणे ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य के सभी मदरसों में मराठी भाषा को अनिवार्य किया जाना चाहिए।
अज़ान भी मराठी में दें राणे ने अपनी आक्रामकता बढ़ाते हुए अबू आजमी को एक नया चैलेंज दिया है। उन्होंने कहा, आप टोपी और दाढ़ी वालों को पहले मराठी सीखनी चाहिए। मेरी मांग है कि मदरसों में केवल मराठी पढ़ाई ही न जाए, बल्कि कल की अज़ान भी मराठी भाषा में ही दी जाए। उनके अनुसार, जब आजमी अपनी धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं में मराठी को अपना लेंगे, तभी उनकी बातें तर्कसंगत मानी जाएंगी।
भाषाई राजनीति और महाराष्ट्र दिवस यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र दिवस पर राज्य में मराठी भाषा के प्रचार-प्रसार और उसे अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के बाद गर्व का माहौल है। हालांकि, सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच इस विषय पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे राजनीतिक पारा गरमा गया है।
आजमी का पुराना विवादित इतिहास अबू आजमी का मराठी भाषा के मामले में विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले उनके उस बयान ने भारी बवाल खड़ा किया था जिसमें उन्होंने भिवंडी में मराठी की अनिवार्यता पर सवाल उठाए थे। उस समय विधानसभा के भीतर भी उन्होंने मराठी का विरोध किया था, जिसके बाद मनसे और भाजपा के कड़े विरोध के चलते उन्हें अपना रुख नरम करना पड़ा था।
नीतेश राणे का यह ताज़ा बयान यह दर्शाता है कि महाराष्ट्र में भाषाई अस्मिता का मुद्दा आगामी राजनीतिक रण में एक प्रमुख हथियार बना रहेगा।
Sindhudurg, Maharashtra: On Samajwadi Party state president and MLA Abu Azmi’s statement, Minister Nitesh Rane says, Yes, we will definitely do it! But before that, all of you wearing skull caps and beards should learn some Marathi. Recite tomorrow’s azaan in Marathi. First,… pic.twitter.com/xGimS9BPuk
— IANS (@ians_india) May 1, 2026
सब ठीक हो जाएगा : सोनम वांगचुक से मिले अमित शाह, क्या सुलझेंगे लद्दाख के मुद्दे?
बरगी डैम हादसा: मौत का खौफनाक लाइव वीडियो, लापरवाही पर तीन कर्मचारी बर्खास्त
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: जून से शुरू हो रही है शिव भक्तों की महायात्रा, जानें पंजीकरण और यात्रा की पूरी प्रक्रिया
अचानक आपके फोन पर क्यों गूंजा इमरजेंसी सायरन? सरकार ने एक साथ 12 करोड़ लोगों को भेजा अलर्ट
सावधान! शादी का डिजिटल कार्ड बन सकता है आपकी बर्बादी का कारण, एक क्लिक और खाली हो जाएगा बैंक खाता
जीती तो सीएम, हारी तो ईवीएम: ममता और मान सरकार पर बरसे तरुण चुघ
वैभव सूर्यवंशी के विकेट पर अति-उत्साह काइल जेमिसन को पड़ा भारी, लगा तगड़ा झटका
नतीजों से पहले ही घबरा गईं ममता? EVM की सुरक्षा को लेकर स्ट्रीटफाइटर का नया दांव
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का मिसिंग लिंक शुरू: अब सफर में कम होगा 30 मिनट का समय, जानें क्या है खास
बुद्ध पूर्णिमा 2026: करुणा और शांति का महापर्व, जानें क्यों खास है यह दिन