कैलाश मानसरोवर की यात्रा केवल एक भौगोलिक दौरा नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए मोक्ष प्राप्ति का आध्यात्मिक मार्ग है। भगवान शिव के निवास स्थान के रूप में पूजनीय इस पवित्र स्थल की यात्रा के लिए लाखों लोग उत्सुक रहते हैं। लंबे अंतराल और सीमा विवादों के बाद, अब यह यात्रा फिर से अपनी पूरी भव्यता के साथ शुरू होने जा रही है।
जून से अगस्त तक चलेगी यात्रा विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया है कि इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा जून और अगस्त के बीच आयोजित की जाएगी। इस बार कुल 20 जत्थों (बैच) के माध्यम से तीर्थयात्रियों को भेजा जाएगा। हर जत्थे में शारीरिक क्षमता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 50 यात्रियों को शामिल किया जाएगा।
दो प्रमुख मार्ग और व्यवस्थाएं यह यात्रा दो पारंपरिक और रणनीतिक मार्गों से संपन्न होगी:
पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 मई जो श्रद्धालु इस यात्रा के इच्छुक हैं, उन्हें आधिकारिक पोर्टल kmy.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 मई तय की गई है। आवेदन के साथ वैध पासपोर्ट, फोटोग्राफ और फिटनेस प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।
कैसे होगा तीर्थयात्रियों का चयन? पंजीकरण के बाद तीर्थयात्रियों का चयन किसी मानवीय सिफारिश से नहीं, बल्कि एक पारदर्शी प्रक्रिया से होगा। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि प्रतिभागियों का चयन कंप्यूटरीकृत ड्रॉ के जरिए किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और लिंग-संतुलित (जेंडर बैलेंस्ड) रखी जाएगी। सेलेक्ट होने वाले यात्रियों को आगे मेडिकल और ब्रीफिंग सत्रों से गुजरना होगा।
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पौराणिक कथाओं के अनुसार, कैलाश पर्वत का निर्माण भगवान ब्रह्मा ने किया था। यह स्थान न केवल हिंदुओं, बल्कि बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए भी परम पूजनीय है। मानसरोवर झील के पवित्र जल में डुबकी लगाना मोक्ष का द्वार माना जाता है। इस वर्ष की यात्रा कोरोना और सीमा संबंधी बाधाओं को पीछे छोड़ते हुए लाखों लोगों के लिए विश्वास का नया संचार लेकर आई है।
STORY | Kailash Mansarovar Yatra to take place between June and August: MEA
— Press Trust of India (@PTI_News) April 30, 2026
The annual Kailash Mansarovar Yatra is set to take place from June to August this year via two routes -- Lipulekh Pass in Uttarakhand and Nathu La in Sikkim, the Ministry of External Affairs (MEA)… pic.twitter.com/YWA5WeR3ka
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