पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम बढ़ने के आसार: क्या आपकी जेब पर पड़ेगा भारी असर?
News Image

ईंधन कीमतों में हो सकता है बड़ा बदलाव देश के लाखों वाहन मालिकों और घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए चिंता की खबर सामने आई है। संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹4 से ₹5 प्रति लीटर और घरेलू एलपीजी सिलेंडर में ₹40 से ₹50 तक की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर यह फैसला लिया जाता है, तो यह पिछले चार वर्षों में ईंधन कीमतों में पहली बड़ी वृद्धि होगी।

वर्तमान स्थिति: 1 मई 2026 की दरें फिलहाल देश में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर है, जबकि मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर पर है। वहीं, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹912-913 के आसपास है। हालांकि, सरकार ने 1 मई से कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में ₹994 की भारी वृद्धि की है, जिससे इसकी कीमत दिल्ली में ₹3,071.50 तक पहुंच गई है।

कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह: अंतरराष्ट्रीय तनाव ईंधन की कीमतों में इस संभावित उछाल के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध का तनाव है। ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) के दाम $107 से $110 प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। इस वजह से सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) भारी घाटे में चल रही हैं, जिसे कवर करने के लिए सरकार कीमतों पर विचार कर रही है।

सरकार की रणनीति: ऊर्जा सुरक्षा का ओएसिस पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि भारत इस वैश्विक संकट के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ने आयात के लिए देशों की संख्या 27 से बढ़ाकर 40 कर दी है और एलपीजी उत्पादन में भी 60% की वृद्धि की है। मंत्री के अनुसार, भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ऊर्जा अवसंरचना को इतना मजबूत किया है कि वह वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच भी ऊर्जा सुरक्षा का ओएसिस बना हुआ है।

पाकिस्तान से तुलना और आम आदमी पर असर पड़ोसी देश पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें ₹400 प्रति लीटर के पार जा चुकी हैं, जो वहां के आर्थिक संकट को दर्शाता है। भारत में यदि ईंधन महंगा होता है, तो इसका सीधा असर दैनिक यात्रियों, ट्रांसपोर्ट खर्च और रोजमर्रा की चीजों (सब्जी, दूध, फल) पर पड़ेगा। एक अनुमान के अनुसार, मध्यम वर्गीय परिवार के मासिक बजट में कम से कम ₹300 से ₹600 तक का अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है।

अगले 5-7 दिनों में होगा अंतिम फैसला अगले कुछ दिनों में सरकार और तेल कंपनियों के बीच अंतिम बैठक होनी है। सरकार का मुख्य लक्ष्य तेल कंपनियों के घाटे को कम करना है, साथ ही साथ मुद्रास्फीति (महंगाई) को भी काबू में रखना है। सरकार ने फिलहाल आम जनता से पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) न करने की अपील की है और लोगों को ईंधन बचत के तरीके अपनाने की सलाह दी है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

15 साल के वैभव को उकसाना पड़ा महंगा, काइल जैमीसन पर गिरी BCCI की गाज

Story 1

मौत के मुंह से खींच लाई खाकी: चलती ट्रेन से गिरे युवक को इंस्पेक्टर ने पलक झपकते ही बचाया

Story 1

क्या बंगाल में BJP की जीत से बांग्लादेश में मची है खलबली? घुसपैठियों पर छिड़ी आर-पार की जंग

Story 1

झुलसाने वाली गर्मी से राहत: मई में मानसून की आहट और झमाझम बारिश का अलर्ट

Story 1

बंगाल चुनाव 2026: स्ट्रॉन्ग रूम में खेल का बड़ा खुलासा, 6 अधिकारी सस्पेंड

Story 1

बंगाल की जंग: डायमंड हार्बर को ल्यारी बताने पर सियासी घमासान, TMC ने कहा- यह सांस्कृतिक आक्रमण

Story 1

गुड नाइट भाई, चलो बिस्तर पर... : डोनाल्ड ट्रंप ने इल्हान उमर का उड़ाया मजाक, मंच पर की नकल

Story 1

बंगाल में फिर दहला मतदान: 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग के दौरान TMC-BJP में हिंसक झड़प, हुआ लाठीचार्ज

Story 1

दिल्ली-NCR में मौसम का मिजाज बदलने वाला है: 48 घंटों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट

Story 1

बिहार में मौसम का डबल अटैक : 4 से 6 मई तक आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट