समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की बदहाल स्थिति का एक वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को आड़े हाथों लिया है।
चुनाव पर्यटन से फुर्सत मिले तो राजधानी का हाल देखें
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री चुनावी पर्यटन से और स्वास्थ्य मंत्री अपनी भ्रामक यात्राओं से लौट आए हों, तो उन्हें राजधानी के सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल की हालत देखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जमीन पर काम करने के बजाय केवल दिखावे और रील बनाने में व्यस्त है।
वीडियो असली है, इसे AI न समझें
अखिलेश ने वीडियो के साथ स्पष्ट किया कि यह फुटेज पूरी तरह वास्तविक है। उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा, मुख्यमंत्री जी, यह वीडियो न तो AI द्वारा बनाया गया है और न ही इसमें कोई छेड़छाड़ है। यह मरीजों की असली दुर्दशा है जो सरकार की पोल खोल रही है।
शिकायतकर्ता पर कार्रवाई न करने की अपील
सपा प्रमुख ने सरकार से एक संवेदनशील अपील भी की है। उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने वाले साहसी शिकायतकर्ता के खिलाफ सरकार को अपनी दमनकारी नीति का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर सरकार सच बोलने वालों को नोटिस भेजती है या उन पर कार्रवाई करती है, लेकिन इस बार इसे जनता की हकीकत के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।
भाजपा पर गिरगिट होने का आरोप
अखिलेश ने सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था ही नहीं, बल्कि भाजपा की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। शुक्रवार को उन्होंने भाजपा को गिरगिट करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी सुविधा के अनुसार अपने रुख बदलती है। महिला आरक्षण के मुद्दे पर घसीटते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी केवल आंकड़ों के खेल में उलझी है और इसे लागू करने का उनका कोई वास्तविक इरादा नहीं है।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
अखिलेश यादव का यह हमला ऐसे समय में आया है जब राज्य के अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के हालिया दौरों पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि मंत्री का ध्यान दिल्ली या अन्य मुद्दों पर तो है, लेकिन उन्हें लखनऊ की जनता की पीड़ा दिखाई नहीं दे रही है। अब देखना यह होगा कि इस तीखे हमले के बाद प्रदेश सरकार का क्या रुख रहता है।
*स्टार प्रचारक उप्र के मुख्यमंत्री जी यदि चुनावी पर्यटन से लौट आएं हों तथा उप्र के रीलजीवी स्वास्थ्य मंत्री जी अगर ‘भ्रामक-भ्रमण’ से लौट आएं हों (जिस रील में उन्होंने दिल्लीवालों की बात तो करी परंतु जानबूझकर लखनऊवालों का नाम तक नहीं लिया) तो वो प्रदेश की राजधानी के सबसे प्रतिष्ठित… pic.twitter.com/R9jsJsJ5jy
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 2, 2026
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