व्हाइट हाउस फायरिंग: कौन है 31 वर्षीय हमलावर कोल एलन और क्या है उसका ईरान कनेक्शन?
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वाशिंगटन डीसी में शनिवार देर रात व्हाइट हाउस के वार्षिक प्रेस डिनर के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एक हमलावर ने सुरक्षा घेरे को भेदकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस बाल-बाल बच गए। सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए हमलावर को काबू में कर लिया।

कौन है हमलावर कोल एलन? हमलावर की पहचान 31 वर्षीय कोल एलन के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया के टोरेंस का रहने वाला है। एलन का बैकग्राउंड किसी कट्टर अपराधी जैसा नहीं, बल्कि एक सामान्य शिक्षित पेशेवर का रहा है। उसने कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की है।

शिक्षक से शूटर तक का सफर एलन पिछले छह वर्षों से C2 एजुकेशन में एक ट्यूटर के रूप में कार्यरत था, जहां उसे टीचर ऑफ द मंथ का खिताब भी मिल चुका है। एक मेधावी छात्र के रूप में वह व्हीलचेयर के लिए इमरजेंसी ब्रेक जैसे इनोवेटिव प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए चर्चा में रहा था। इसके अलावा, वह शौकिया तौर पर वीडियो गेम डेवलपर भी था और अंतरिक्ष पर आधारित शूटर गेम पर काम कर रहा था।

ईरान कनेक्शन पर क्या है सच? हमले के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एलन के ईरान से जुड़े होने की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन दावों को खारिज किया है। ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस हमले का ईरान या मध्य-पूर्व के संघर्षों से कोई संबंध नजर नहीं आता है।

ट्रंप ने साझा किया वीडियो और तस्वीर घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें हमलावर को गोलीबारी करते हुए और फिर सुरक्षा बलों द्वारा पकड़े जाते दिखाया गया है। ट्रंप ने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें हमलावर हाथ बंधे हुए जमीन पर पड़ा नजर आ रहा है। उन्होंने सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने असाधारण साहस का परिचय दिया है।

जांच जारी और सुरक्षा पर सवाल हमले की मंशा अभी भी जांच का विषय बनी हुई है। हालांकि, फेडरल रिकॉर्ड बताते हैं कि एलन ने 2024 में डेमोक्रेटिक पार्टी की एक समिति को 25 डॉलर का दान दिया था, जो उसके राजनीतिक झुकाव की ओर इशारा करता है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स और उसके पिछले संपर्कों को खंगालने में जुटी हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि एक शिक्षित ट्यूटर इस घातक हमले तक कैसे पहुंचा।

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