सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की शांतिदूत वाली चाल नाकाम, भारत ने दी दो टूक चेतावनी
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नई दिल्ली: पहलगाम आतंकवादी हमले की पहली बरसी पर आज पूरा देश उन 26 बेगुनाहों को श्रद्धांजलि दे रहा है, जिनकी जान पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद ने ली थी। एक ओर भारत इस जख्म को याद कर रहा है, तो दूसरी ओर पाकिस्तान खुद को शांतिदूत के रूप में पेश कर पश्चिम एशिया में अपनी खोई हुई साख बनाने की कोशिशों में जुटा है।

हम नहीं भूलेंगे - भारत का सीधा संदेश

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर इस त्रासदी को याद करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने लिखा, हम नहीं भूलेंगे। भारत पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले मासूमों को याद करता है। हम आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में एकजुट हैं। यह संदेश पाकिस्तान की नापाक हरकतों के प्रति भारत के सख्त रुख को दर्शाता है।

पीड़ित बनने का पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा

दरअसल, पहलगाम हमले के ठीक अगले दिन भारत ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। अब पाकिस्तान और उसके विदेशी थिंक टैंक इस संधि को मुद्दा बनाकर खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। लंदन स्थित चैथम हाउस जैसे संस्थान जानबूझकर आतंकवाद में पाकिस्तान की भूमिका को नजरअंदाज कर भारत को कटघरे में खड़ा करने का कुप्रयास कर रहे हैं।

शांति वार्ता की आड़ में रची जा रही साजिश

पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता का नाटक कर रहा है। इसके पीछे उसका मकसद केवल वैश्विक मंचों पर अपनी स्वीकार्यता बढ़ाना है ताकि सिंधु जल संधि पर उसे मिल रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचा जा सके। पाकिस्तानी हुक्मरान और वहां की फौज इस शांतिदूत वाली छवि का इस्तेमाल भारत के खिलाफ वैश्विक सहानुभूति बटोरने के लिए कर रहे हैं।

वह काला दिन और भारत का कड़ा प्रहार

22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने सैलानियों की पहचान पूछकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। इस नृशंस घटना के बाद भारत ने न केवल सिंधु जल संधि को रोका, बल्कि सैन्य कार्रवाई करते हुए करीब 100 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को तबाह कर उसे कड़ा सबक सिखाया था।

आज की बरसी पर भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह न तो अपनों की शहादत को भूलेगा और न ही अपने दुश्मनों को बख्शेगा। पाकिस्तान की शांतिदूत बनने की यह कोशिश उसके पुराने कपटपूर्ण चेहरे को छुपाने के लिए काफी नहीं है।

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