कांग्रेस की इस कैसी मजबूरी? पीएम पर अमर्यादित टिप्पणी और आतंकियों के लिए साहब का सम्मान
News Image

राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में शब्द मर्यादा की सीमाएं लांघना कोई नई बात नहीं है, लेकिन चेन्नई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जो किया, उसे मर्यादा का उल्लंघन नहीं बल्कि मर्यादा की हत्या कहना ज्यादा सटीक होगा। देश की सबसे पुरानी पार्टी के प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री के लिए जिस शब्दावली का प्रयोग किया गया, उसने भारतीय राजनीति में शिष्टता के गिरते स्तर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खरगे का बयान और यू-टर्न विवाद बढ़ता देख कांग्रेस अध्यक्ष ने फौरन सफ़ाई देते हुए कहा कि उनका मतलब पीएम को आतंकी कहना नहीं था, बल्कि उन्हें डराने वाला बताना था। हालांकि, छह दशक का राजनीतिक अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ नेता से यह अपेक्षा की जाती है कि वे जानते होंगे कि प्रधानमंत्री किसी पार्टी का प्रचारक नहीं, बल्कि एक संवैधानिक संस्था का प्रमुख होता है। पीएम को अपमानित करना सीधे तौर पर देश की संवैधानिक गरिमा पर चोट है।

आतंकियों के लिए जी और देश के पीएम के लिए अपमान? इस घटना ने कांग्रेस के उन पुराने बयानों की याद फिर से ताजा कर दी है, जब पार्टी के शीर्ष नेता आतंकियों के नाम के आगे सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग करते रहे हैं। दिग्विजय सिंह का ओसामा बिन लादेन को जी कहना, रणदीप सुरजेवाला का अफजल गुरु को जी संबोधित करना और राहुल गांधी द्वारा मसूद अजहर के नाम के साथ सम्मान जोड़ना इस बात की गवाही देता है कि पार्टी की वैचारिक दिशा किस ओर है।

नेतृत्व की भाषा और गिरता जनाधार कांग्रेस के लिए यह आत्ममंथन का समय है। 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में करारी हार और कई राज्यों से सत्ता गंवाने के बावजूद कांग्रेस अपनी नीतियों और नेताओं की भाषा पर नियंत्रण नहीं रख पा रही है। जो पार्टी आतंकियों को साहब और जी से नवाजती हो और देश के प्रधानमंत्री को अपमानित करती हो, वह आम जनता का भरोसा कैसे जीत पाएगी?

लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष जरूरी, लेकिन कैसी सोच के साथ? देश में एक मजबूत लोकतंत्र के लिए एक स्वस्थ और मजबूत विपक्ष का होना अनिवार्य है। लेकिन कांग्रेस की यह दुर्गति किसी एक दिन का परिणाम नहीं है। जब तक कांग्रेस अपनी भाषा, सोच और नीतियों में सुधार नहीं करेगी, तब तक उनका चुनावी प्रदर्शन सुधरना मुश्किल है। प्रधानमंत्री का सम्मान व्यक्तिगत नहीं, बल्कि देश की मर्यादा का विषय है, जिसे कांग्रेस को जल्द से जल्द समझना होगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

भारत भूलता नहीं है, न्याय मिल गया : पहलगाम हमले की बरसी पर सेना का पाकिस्तान को कड़ा संदेश

Story 1

कैसा हराया वाली AIMIM पार्षद सहर शेख पर लगा फर्जी सर्टिफिकेट का दाग, आरोपों पर तोड़ी चुप्पी

Story 1

ट्रंप ने पानी में मिलाई मुनीर की मेहनत, ईरान-अमेरिका वार्ता पर फिरा पानी

Story 1

PM मोदी पर आतंकवादी वाली टिप्पणी: खरगे के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची भाजपा, मांगी कड़ी कार्रवाई

Story 1

शादी की रस्में छोड़ कलेक्ट्रेट पहुंचा दूल्हा, स्मार्ट मीटर के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन

Story 1

अमेरिका-ईरान युद्ध की आहट: सीजफायर बचाने के लिए पाकिस्तान ने चली आखिरी चाल

Story 1

पीएम मोदी को ‘आतंकवादी’ बताने पर घमासान: कांग्रेस के लिए ‘राजनीतिक कब्र की आखिरी कील’ बना बयान?

Story 1

वाह रे पाकिस्तान! PSL में दिखा दोगलापन, खिलाड़ियों के साथ भेदभाव पर भड़के फैंस

Story 1

पप्पू यादव की बढ़ी मुसीबत: महिलाओं पर विवादित टिप्पणी के बाद महिला आयोग ने जारी किया नोटिस

Story 1

पाकिस्तान की सड़कों पर ई-रिक्शा में जेडी वेंस? ईरान की वायरल फोटो ने मचाया हड़कंप