होर्मुज में भारतीय टैंकर पर ईरान की फायरिंग, अमेरिकी इन्फ्लुएंसर का बढ़ा मजाक तो सेना के पूर्व जनरल ने यूं धोया
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान द्वारा भारतीय झंडे वाले जहाजों पर की गई फायरिंग का मामला तूल पकड़ गया है। तेल लेकर आ रहे भारतीय टैंकरों को इस हमले के बाद अपना रास्ता बदलने पर मजबूर होना पड़ा। अब इस मामले पर एक अमेरिकी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की बचकानी टिप्पणी के बाद भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने उसे करारा जवाब दिया है।

क्या हुआ होर्मुज के जलडमरूमध्य में? ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने की घोषणा के बाद तनाव बढ़ गया था। इस दौरान इराक से 20 लाख बैरल तेल लेकर आ रहे भारतीय झंडे वाले सुपरटैंकर (VLCC) को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की कड़ी फायरिंग का सामना करना पड़ा। जान बचाने के लिए टैंकरों को वापस मुड़ना पड़ा। इस घटना का एक रेडियो ऑडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें कैप्टन को अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए सुना जा सकता है।

अमेरिकी इन्फ्लुएंसर ने बनाया मजाक अक्सर विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले अमेरिकी इन्फ्लुएंसर जैकसन हिंकल ने इस घटना का मजाक उड़ाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर ऑडियो का उपहास करते हुए लिखा, सर, मुझे जाने दो, मैं लिस्ट में दूसरे नंबर पर हूं, मुझ पर गोली मत चलाओ। उनके इस पोस्ट को भारत का अपमान माना गया, जिस पर भारतीयों ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

लेफ्टिनेंट जनरल का सटीक प्रहार मामले की गंभीरता को समझते हुए भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र प्रताप पांडे ने जैकसन हिंकल को आड़े हाथों लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैप्टन कोई भीख नहीं मांग रहा था, बल्कि वह अपनी बात मजबूती से रख रहा था।

जनरल पांडे ने कहा, एक निहत्था टैंकर हथियारों और मिसाइलों से लैस ईरानी सेना के सामने डटा हुआ था और उन्हें बता रहा था कि वे गलत हैं। हम तो उस कैप्टन का सम्मान करेंगे जो निहत्था होकर भी अपनी स्थिति पर अडिग रहा। नस्लभेदी रवैया कतई स्वीकार्य नहीं है।

भारत ने ईरानी राजदूत को किया तलब इस गंभीर घटना पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरानी राजदूत को तलब कर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि भारत व्यापारिक जहाजों और अपने नाविकों की सुरक्षा को लेकर समझौता नहीं करेगा।

बैठक के दौरान भारत ने ईरान को पुरानी दोस्ती और सहयोग की याद दिलाते हुए सुरक्षित समुद्री मार्ग बहाल करने का आग्रह किया है। ईरानी राजदूत ने भारत की चिंताओं को अपने शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।

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