इज़राइल-लेबनान में युद्धविराम लागू, डोनाल्ड ट्रंप बोले- ईरान के साथ हालात बेहतर
News Image

शुक्रवार, 17 अप्रैल को इज़राइल और लेबनान के बीच 10 दिनों का सीज़फायर आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। यह समझौता पूरे क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। इसी के साथ अमेरिका और ईरान के बीच भी अलग से चल रहे सीज़फायर का आज दसवां दिन है।

शांति की ओर पहला कदम लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इसे एक फेज्ड प्रक्रिया (चरणबद्ध प्रक्रिया) की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि बातचीत का पहला चरण शुरू हो चुका है। वहीं, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे शांति का ऐतिहासिक मौका करार दिया है। नेतन्याहू का स्पष्ट कहना है कि इज़राइल का लक्ष्य हिज़्बुल्लाह के हथियारों को खत्म करना और एक टिकाऊ समझौता हासिल करना है।

सीज़फायर के बावजूद गोलाबारी का संकट शांति के आधिकारिक ऐलान के बाद भी जमीनी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, सीज़फायर लागू होने के 30 मिनट बाद भी खियाम और डिबाइन गांवों में इज़राइली गोलाबारी जारी रही। लेबनान की सेना ने दक्षिणी इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी दी है कि वे फिलहाल वापस न लौटें, क्योंकि सुरक्षा स्थिति अभी भी खतरनाक बनी हुई है।

ट्रंप की ईरान नीति और यूरेनियम पर बढ़ा विवाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान के साथ युद्ध बेहतर ढंग से चल रहा है । ट्रंप ने 22 अप्रैल को खत्म होने वाले 14 दिनों के सीज़फायर को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

हालाँकि, ट्रंप के दावों को लेकर विवाद भी गहरा गया है। ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान अपने भूमिगत न्यूक्लियर मटेरियल को वापस करने पर सहमत हो गया है। ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे झूठ बताया है। तेहरान का कहना है कि न्यूक्लियर मटेरियल के ट्रांसफर पर कोई बातचीत नहीं हुई है।

परमाणु हथियार पर अमेरिका की सख्त चेतावनी ट्रंप ने अपनी प्राथमिकता दोहराते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना सबसे जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान के पास परमाणु बम आता है, तो यह दुनिया के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर देगा।

वर्तमान में पाकिस्तान इस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया में एक अहम बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि वे महंगाई कम करने के साथ-साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करने में सफल रहेंगे, जबकि ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

जब संसद में PM मोदी ने सपा सांसद को दिया करारा जवाब: अखिलेश यादव को भी जोड़ने पड़े हाथ

Story 1

गांगुली का वह ‘अमर’ वर्ल्ड रिकॉर्ड जिसे 29 सालों में सचिन-विराट भी नहीं छू पाए

Story 1

सिवनी-मालवा के लिए ‘विकास का सूर्योदय’: 1000 करोड़ की सौगात के साथ बदली नर्मदापुरम की तस्वीर

Story 1

बाहर बैठे खिलाड़ी का धमाका: क्विंटन डिकॉक के शतक ने पलटी बाजी, रचा इतिहास

Story 1

महिला आरक्षण: प्रियंका गांधी ने परिसीमन और OBC भागीदारी पर उठाए गंभीर सवाल

Story 1

नारी शक्ति की गूंज: क्या 2029 तक साकार होगा महिला आरक्षण का सपना?

Story 1

हवा में सलामी देकर फंसे शहबाज शरीफ; कतर यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल

Story 1

मोदी-ट्रंप की केमिस्ट्री : फोन पर हुई अहम चर्चा, पश्चिम एशिया के तनाव पर बनी सहमति

Story 1

नारी शक्ति वंदन: क्या 33% आरक्षण से बदल जाएगी भारतीय राजनीति की तस्वीर?

Story 1

IPL 2026: मुंबई इंडियंस के लिए सिरदर्द बने सूर्यकुमार यादव, लगातार फ्लॉप शो के बाद सोशल मीडिया पर बने निशाने