लोकसभा में तीन नए बिलों पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने इन बिलों को सिर्फ कानून नहीं, बल्कि सत्ता के समीकरण बदलने की एक सोची-समझी रणनीति करार दिया है।
सिर्फ 6 राज्यों से मिल जाएगी सत्ता ओवैसी ने गणित समझाते हुए कहा कि बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को मिला लिया जाए, तो यहां कुल 392 सीटें हो जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र में सरकार बनाने के लिए इन राज्यों के दम पर महज 34 और सीटों की जरूरत होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-बीजेपी शासित राज्यों को कमजोर करके हिंदू राष्ट्र की नींव रखी जा रही है।
दक्षिण भारत की गुड गवर्नेंस को सजा? ओवैसी ने कहा कि दक्षिण भारत देश की जीडीपी में 30 फीसदी और टैक्स रेवेन्यू में 21 फीसदी का योगदान देता है। देश की कुल आबादी में दक्षिण की हिस्सेदारी 19 फीसदी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या दक्षिण को बेहतर शासन (गुड गवर्नेंस) चलाने की सजा दी जा रही है? उन्होंने चेतावनी दी कि आबादी के आधार पर सीटों का आवंटन दक्षिण के राज्यों को अपनी आबादी बढ़ाने के लिए मजबूर कर सकता है, जो देशहित में नहीं है।
विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश? सांसद ओवैसी ने कहा कि अगर ये तीन बिल कानून बन गए, तो संसद में विपक्ष की आवाज लगभग खत्म हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आबादी के आधार पर सीटों के बंटवारे से अल्पसंख्यकों और कम आबादी वाले क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व घट जाएगा। उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मुस्लिम बहुल सीटों का परिसीमन कर प्रतिनिधित्व को कम कर दिया गया है।
कश्मीर का उदाहरण और सियासी दांव ओवैसी ने जम्मू-कश्मीर के परिसीमन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अनंतनाग और राजौरी के बीच कोई सांस्कृतिक जुड़ाव न होने के बावजूद उन्हें जोड़ना एक सियासी रणनीति है। उन्होंने तर्क दिया कि जम्मू की 43 फीसदी आबादी को 47 फीसदी सीटें दी गई हैं, जबकि कश्मीर की 56 फीसदी आबादी को 52 फीसदी सीटें ही मिली हैं।
राष्ट्रवाद पर तीखा कटाक्ष अपने संबोधन के अंत में ओवैसी ने सरकार से सवाल किया कि क्या 18 करोड़ मुस्लिम आबादी से केवल 4 फीसदी सांसद जीतकर आना देश के लिए अच्छा है? उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी मुसलमानों को टिकट नहीं देना चाहती, आरक्षण तो दूर की बात है। उन्होंने इसे राष्ट्रवाद पर बड़ा सवालिया निशान बताते हुए सरकार की मंशा पर गंभीर प्रश्न खड़े किए।
*18 करोड़ की आबादी में से सिर्फ 4 फ़ीसद सांसद जीतकर आएँगे, तो क्या यह देश के हित में है? : लोकसभा में बैरिस्टर @asadowaisi pic.twitter.com/PMPyCwgu0W
— AIMIM (@aimim_national) April 16, 2026
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