संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने विधेयक का समर्थन तो किया, लेकिन सरकार की कार्यशैली और इसे पेश करने के तरीके पर गहरे सवाल खड़े किए।
चाणक्य भी हो जाते हैरान प्रियंका गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह से सरकार श्रेय की राजनीति कर रही है और बिल को पेश करने का तरीका अपनाया गया है, उसे देखकर चाणक्य भी हैरान रह जाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल आरक्षण देने का नहीं है, बल्कि महिलाओं के प्रति सरकार की वास्तविक प्रतिबद्धता का है।
इतिहास की याद: मोतीलाल नेहरू से कांग्रेस की नींव सत्ता पक्ष को आईना दिखाते हुए प्रियंका ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की नींव कांग्रेस ने दशकों पहले रख दी थी। उन्होंने याद दिलाया कि 1928 की मोतीलाल नेहरू रिपोर्ट और 1931 के कराची अधिवेशन में सरदार पटेल की अध्यक्षता में महिलाओं के समान अधिकारों का प्रस्ताव पारित किया गया था। यहीं से भारत में एक नागरिक, एक वोट, एक मूल्य का सिद्धांत स्थापित हुआ।
UPA के प्रयासों का किया जिक्र प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस को बिल लटकाने का दोषी बताना पूरी तरह गलत है। उन्होंने बताया कि 2010 में डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व में UPA सरकार ने इसे राज्यसभा में पास कराया था। साथ ही, उन्होंने जिक्र किया कि 2018 में राहुल गांधी ने भी पत्र लिखकर प्रधानमंत्री मोदी से आरक्षण लागू करने का आग्रह किया था।
दावों से गुमराह नहीं होंगी महिलाएं प्रियंका ने सवाल किया कि अगर सरकार के इरादे साफ थे, तो पिछले 10 वर्षों में इसे लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने राजीव गांधी सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि पंचायतों और नगर पालिकाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण कांग्रेस की ही देन है, जिसने देश को जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व दिया। उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री के दावों से देश की महिलाएं गुमराह होने वाली नहीं हैं।
चुनावी लाभ की मंशा पर चेतावनी अपने समापन भाषण में उन्होंने कहा कि भारत में महिला आरक्षण लागू करना विश्व के लिए एक अनूठा उदाहरण हो सकता है। हालांकि, उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि यदि इस विधेयक के पीछे केवल चुनावी लाभ की मंशा है, तो यह महिलाओं के साथ बड़ा विश्वासघात होगा।
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women s reservation and delimitation, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, In 2010, under the leadership of the late Prime Minister Dr Manmohan Singh and UPA Chairperson Sonia Gandhi, the Congress Party again attempted to provide reservation… pic.twitter.com/qo2JO86cbI
— ANI (@ANI) April 16, 2026
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