दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन के बाद पूरा देश शोक में डूबा है। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस बीच, कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी द्वारा भेजा गया एक शोक पत्र सोशल मीडिया पर विवाद का विषय बन गया है।
क्या है मामला? सोनिया गांधी ने आशा भोसले के बेटों के नाम एक शोक संदेश भेजा था। पत्र में उन्होंने आशा भोसले के दोनों बेटों—आनंद और हेमंत—को संबोधित किया। समस्या यह है कि हेमंत भोसले का निधन साल 2015 में ही कैंसर के कारण हो चुका है।
सोशल मीडिया पर किरकिरी इस गंभीर चूक के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने कांग्रेस और सोनिया गांधी को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है। लोग इसे अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और हास्यास्पद करार दे रहे हैं।
एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, कांग्रेस ने राजनीति में बने रहने की इच्छाशक्ति खो दी है, इसीलिए ऐसी गलतियां हो रही हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया कि इस तरह के आधिकारिक पत्र को बिना जांचे-परखे मंजूरी कैसे मिल गई।
पत्र में क्या लिखा था? अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए सोनिया गांधी ने लिखा, प्रिय आनंद और हेमंत, आपकी प्रिय माता आशा भोसले के निधन से भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। उनकी आवाज अद्वितीय थी और वे एक राष्ट्रीय धरोहर थीं। उन्होंने आशा भोसले के संगीत को सदाबहार बताते हुए उनके परिवार के प्रति प्रार्थनाएं व्यक्त की थीं, लेकिन हेमंत वाले हिस्से ने पूरी गंभीरता को विवाद में बदल दिया।
कांग्रेस की साख पर सवाल आलोचकों का कहना है कि यह केवल एक टाइपिंग मिस्टेक नहीं है, बल्कि सिस्टम की कार्यप्रणाली में आई भारी खामी को दर्शाता है। हाल ही में लोकसभा स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव में गलत तारीख (2026 की जगह 2025) का जिक्र होने के बाद, सोनिया गांधी की यह गलती कांग्रेस के लिए एक नई फजीहत बनकर सामने आई है।
BIG GAFFE: The condolence letter sent by Sonia Gandhi on Asha Bhosle’s demise is addressed to her sons Anand and Hemant, even though Hemant Bhosle died in 2015.
— Riccha Dwivedi (@RicchaDwivedi) April 14, 2026
A serious lapse in official communication. How did this get cleared? pic.twitter.com/ulsRP1OA94
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