कल अखबार में आपकी फोटो छपवा दूंगा , क्रेडिट के ब्लैंक चेक पर पीएम मोदी ने विपक्ष को क्यों घेरा?
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संसद का विशेष सत्र शुरू होते ही महिला आरक्षण बिल को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। बिल पेश होते ही विपक्ष ने जहां सरकार पर संविधान को हाइजैक करने का आरोप लगाया, वहीं पीएम मोदी ने विपक्ष की राजनीति और क्रेडिट की भूख पर करारा हमला किया।

विपक्ष का विरोध और क्रेडिट का गणित विपक्ष का आरोप था कि इस बिल के पीछे मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। इस पर प्रधानमंत्री ने दो टूक जवाब देते हुए कहा, हमें क्रेडिट नहीं चाहिए। जैसे ही बिल पारित हो जाए, मैं विज्ञापन देकर सबको धन्यवाद देने के लिए तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा दूंगा, ले लो जी क्रेडिट! मैं सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।

अमित शाह का सपा पर पलटवार सदन में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा उठाया। गृह मंत्री अमित शाह ने साफ किया कि धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है। जब अखिलेश यादव ने भी यही सवाल दोहराया, तो शाह ने तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, सरकार को इसमें कोई आपत्ति नहीं है।

राजनीतिक तराजू से न तौलें पीएम मोदी ने विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा कि इसे राजनीतिक तराजू से न तौला जाए। उन्होंने कहा, हम नारी शक्ति को कुछ दे नहीं रहे हैं, यह उनका हक है जिसे हमने दशकों तक रोका है। आज उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया से किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और परिसीमन में पुराना अनुपात नहीं बिगड़ेगा।

नीयत साफ हो तो शब्दों का खेल नहीं पीएम मोदी ने आगे कहा कि अगर विपक्ष को गारंटी या वादे चाहिए, तो वह उसे भी देने को तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि 21वीं सदी का भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और विकसित भारत का मतलब सिर्फ सड़कें या रेल नहीं, बल्कि नीति निर्धारण में देश की आधी आबादी की भागीदारी है।

इतिहास गवाह है, विरोध करने वालों का बुरा हाल हुआ प्रधानमंत्री ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी इस अधिकार का विरोध करेगा, चुनाव में उसे नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने पंचायतों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वहां महिलाओं को आरक्षण मिला, तो किसी को डर नहीं लगा, लेकिन संसद में इसे तीन दशक तक लटकाकर रखा गया। अब समय की मांग है कि हम और विलंब न करें।

लोकतंत्र के लिए अहम पल पीएम ने इसे संसद के इतिहास का एक बड़ा क्षण बताया। उन्होंने कहा कि हम मदर ऑफ डेमोक्रेसी हैं और आज का यह मंथन जो अमृत निकालेगा, वह देश की राजनीति की दशा और दिशा दोनों तय करेगा। अंत में उन्होंने सभी सांसदों से आग्रह किया कि इस अवसर को हाथ से जाने न दें और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें।

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