प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र को महिला सशक्तिकरण के इतिहास का एक ऐतिहासिक मोड़ करार दिया है। सत्र की शुरुआत के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार महिलाओं को राजनीति के मुख्य मंच पर लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक प्रेरक संदेश साझा करते हुए कहा कि हमारी माताओं और बहनों का सम्मान ही वास्तव में राष्ट्र का सम्मान है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक जड़ों का उल्लेख करते हुए संस्कृत श्लोक के माध्यम से इस पहल की गंभीरता को रेखांकित किया। पीएम ने जोर दिया कि सशक्त राष्ट्र की आधारशिला महिलाओं की भागीदारी के बिना अधूरी है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक पर विस्तृत चर्चा और इसका रोडमैप पेश करने की तैयारी में है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना है। यह बदलाव 2029 तक लागू किए जाने की योजना है।
अब तक महिला आरक्षण बिल का मुद्दा जनगणना और परिसीमन (Delimitation) जैसी तकनीकी पेचीदगियों में फंसा हुआ था। सरकार का नया कदम इन बाधाओं को हटाने के लिए उठाया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि 2029 तक देश की आधी आबादी को विधायी निकायों में उनका उचित प्रतिनिधित्व और स्थान मिल सके।
संसद का यह विशेष सत्र केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को राजनीतिक नेतृत्व सौंपने का एक बड़ा वादा है। यदि प्रस्तावित संशोधनों को पारित किया जाता है, तो भारतीय राजनीति का स्वरूप हमेशा के लिए बदल जाएगा और निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं में महिलाओं की आवाज अधिक मुखर होगी।
आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
— Narendra Modi (@narendramodi) April 16, 2026
व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।
ता त्वामुषर्वसूयवो… pic.twitter.com/8KWT1WLSje
ईरान-अमेरिका वार्ता का बिल नहीं चुका पाई शहबाज सरकार? पाकिस्तान की साख पर लगा दाग
क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान की दो टूक: पड़ोसी देश हमारे खिलाफ न दें जमीन का इस्तेमाल
जब संसद में PM मोदी ने सपा सांसद को दिया करारा जवाब: अखिलेश यादव को भी जोड़ने पड़े हाथ
पटना मेट्रो का ब्रेन : 32.77 हेक्टेयर में आकार ले रहा शहर का सबसे आधुनिक कमांड सेंटर
दिल्ली में पानी का संकट: चंद्रावल प्लांट में मरम्मत के चलते आज इन इलाकों में सप्लाई रहेगी ठप
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर: अमेरिका ने घेरे ईरानी बंदरगाह, ट्रंप बोले- जंग खत्म होने के करीब
H-1B पर सख्ती के संकेत: क्या अब बदलेंगे अमेरिका के नियम? JD Vance ने दी अमेरिका फर्स्ट की नसीहत
ईरान की पड़ोसी देशों को कड़ी चेतावनी: अमेरिका और इजरायल का साथ देना बंद करें
अस्पताल में भावुक हुए चिराग पासवान: बीमार चाचा पशुपति पारस को गले लगाकर जाना हाल
नारी शक्ति वंदन अधिनियम: क्या संसद में महिलाओं के लिए बदलेगी तस्वीर?