टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक ऑफिस में हिंदू युवतियों के यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस पूरे कुचक्र के केंद्र में एचआर मैनेजर निदा खान का नाम सामने आया है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
कौन है निदा खान? निदा खान नासिक टीसीएस बीपीओ में एचआर मैनेजर के पद पर तैनात थी। वह कंपनी की इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (ICC) की सदस्य भी थी, जिसका काम यौन उत्पीड़न (POSH) जैसे मामलों को रोकना था। हैरानी की बात यह है कि जिस पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी पर पीड़ित युवतियों को प्रताड़ित करने का आरोप है।
कैसे चलाती थी धर्मांतरण का जाल? पुलिस जांच के अनुसार, निदा खान केवल एक कर्मचारी नहीं थी, बल्कि आरोपियों के उस नेटवर्क की मुख्य कड़ी थी जो युवतियों को निशाना बनाता था। पीड़ितों का आरोप है कि निदा उन्हें नमाज पढ़ने, बुर्का पहनने और इस्लाम के तौर-तरीके अपनाने के लिए मजबूर करती थी। जो युवतियां विरोध करतीं, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
डेयरडेविल और आरोपियों का गठजोड़ जांच में खुलासा हुआ है कि ऑफिस के आरोपी टीम लीडर्स निदा खान को डेयरडेविल कहकर बुलाते थे। निदा आरोपियों के उस वॉट्सऐप ग्रुप का हिस्सा थी, जहाँ युवतियों को फंसाने की साजिश रची जाती थी। पुलिस को संदेह है कि वह पीड़ितों की निजी समस्याओं को जानकर उन्हें ब्लैकमेल करती थी।
अब तक 12 पीड़ित सामने आईं नासिक पुलिस की 40 दिनों की जांच में अब तक 12 युवतियों ने आपबीती सुनाई है। इनमें से कई ने यौन उत्पीड़न, अश्लील कमेंट्स और धार्मिक अपमान के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में शाहरुख कुरैशी, शफी शेख और तौसीफ अत्तार सहित 6 टीम लीडर्स गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि निदा खान FIR दर्ज होने के बाद से ही फरार है।
SIT की जांच और आगे की कार्रवाई नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के निर्देशन में ACP क्राइम संदीप मितके के नेतृत्व वाली SIT मामले की बारीकी से जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम डिलीट की गई वॉट्सऐप चैट रिकवर करने में जुटी है ताकि इस संगठित नेटवर्क के और भी चेहरे सामने आ सकें।
यह मामला देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में कार्यस्थल की सुरक्षा और आंतरिक शिकायत निवारण प्रणालियों की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल, SIT की तलाश जारी है और निदा खान की गिरफ्तारी को इस केस की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।
Nashik TCS Jihad Gang: How they trapped the victims- Know the Modus Operandi
— Subhi Vishwakarma (@subhi_karma) April 11, 2026
1. Made WhatsApp groups, smaller groups to send material and radicalise
2. They identified the women with some weak points, be it professionally or personally, like Women with years of marriage but no… pic.twitter.com/BdMNd0IqZL
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