अरब सागर में अमेरिका का शक्ति प्रदर्शन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह अलग-थलग करने की तैयारी पूरी कर ली है। अरब सागर में 15 से अधिक जंगी जहाजों का बेड़ा तैनात कर ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी कर दी गई है। इस ऑपरेशन के केंद्र में यूएसएस त्रिपोली (USS Tripoli) है, जो आधुनिक तकनीक और घातक हथियारों से लैस है।
F-35 और ओस्प्रे का घातक तालमेल यूएसएस त्रिपोली की सबसे बड़ी ताकत इस पर तैनात F-35B लाइटनिंग-II स्टील्थ फाइटर जेट्स हैं, जो रडार की पकड़ में आए बिना रात के अंधेरे में भी सटीक हमला करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही एमवी-22 ऑस्प्रे विमानों की मौजूदगी अमेरिकी नौसेना को किसी भी स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया करने की शक्ति देती है।
ट्रंप की दो टूक: ड्रग डीलरों जैसा होगा हश्र राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि ईरान की कोई भी फास्ट अटैक शिप इस घेराबंदी के करीब आई, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप ने ईरान के पिछले सैन्य नुकसान का जिक्र करते हुए कहा कि जो थोड़ा-बहुत बेड़ा बचा है, उसे समुद्र में ड्रग डीलर की तरह कठोर और त्वरित तरीके से खत्म कर दिया जाएगा।
शांति वार्ता विफल, युद्ध का नया चरण इस्लामाबाद में जारी शांति वार्ता के विफल होने के बाद यह तनाव चरम पर है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बिना किसी नतीजे के वापस लौट आया है। 28 फरवरी को शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के बाद अस्थाई संघर्ष विराम भी अब खत्म हो चुका है, जिससे युद्ध के और भी भीषण होने की आशंका बढ़ गई है।
सुलह के लिए फोन कर रहा ईरान तनाव के बीच ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि नाकेबंदी के कारण ईरान का व्यापार ठप हो चुका है और वे घबराकर सुलह के लिए फोन कर रहे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने दिए जाएंगे; या तो वे परमाणु सामग्री अमेरिका को सौंप दें, अन्यथा इसे बलपूर्वक छीन लिया जाएगा।
नाकेबंदी का दायरा क्या है? सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने स्पष्ट किया है कि यह नाकेबंदी केवल ईरानी बंदरगाहों तक सीमित है। अन्य देशों के व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में कोई बाधा नहीं आएगी। हालांकि, ईरानी अर्थव्यवस्था पर पूर्ण प्रतिबंध के साथ वाशिंगटन ने दबाव की नीति को और आक्रामक बना दिया है।
USS Tripoli (LHA 7) conducts night flight operations while sailing in the Arabian Sea. Tripoli is designed without a traditional well deck, which allows for more F-35B Lightning II stealth fighters, MV-22 Ospreys, helicopters, and extra maintenance space. During peak operations,… pic.twitter.com/zjQO1nOcmK
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 13, 2026
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