क्या प्रियंका चतुर्वेदी थामेंगी बीजेपी का हाथ? एक तस्वीर ने महाराष्ट्र की सियासत में मचाई हलचल
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महाराष्ट्र की राजनीति में कब, कौन सा पासा पलट जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) की फायरब्रांड नेता प्रियंका चतुर्वेदी और बीजेपी नेता चित्रा वाघ की एक मुलाकात ने राज्य के सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।

मुलाकात और सोशल मीडिया पर चर्चा हाल ही में चित्रा वाघ ने प्रियंका चतुर्वेदी से उनके आवास पर मुलाकात की। जैसे ही दोनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर आई, यूजर्स ने कयास लगाने शुरू कर दिए। कई लोग इसे महज एक शिष्टाचार भेंट मान रहे हैं, तो वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे प्रियंका की संभावित पार्टी बदलने की दिशा में पहला कदम बता रहे हैं।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम बना वजह तमाम कयासों के बीच प्रियंका चतुर्वेदी ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि यह मुलाकात 16-18 अप्रैल को संसद में होने वाली नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण) संशोधन पर बहस के सिलसिले में थी। उन्होंने साफ किया कि चित्रा वाघ इस बिल पर समर्थन मांगने आई थीं।

क्या नाराजगी है असली कारण? इस मुलाकात के पीछे असल दिलचस्पी का कारण प्रियंका का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होना है। खबरें हैं कि दोबारा टिकट न मिलने से वे पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रही हैं। हाल ही में संजय राउत के साथ उनकी हुई तीखी बहस की खबरों ने इन चर्चाओं को और बल दिया है। इसी पृष्ठभूमि में बीजेपी नेता का उनके घर जाना कई लोगों को महज इत्तेफाक नहीं लग रहा।

16 साल का राजनीतिक सफर, क्या अब अगला पड़ाव बीजेपी? प्रियंका चतुर्वेदी का राजनीतिक करियर हमेशा से चर्चाओं में रहा है। 2010 में कांग्रेस से शुरुआत करने वाली प्रियंका ने 2019 में शिवसेना का दामन थामा था। अब 16 साल के उनके सफर में क्या एक और अध्याय जुड़ने वाला है? सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स से लेकर शुभचिंतकों तक, हर कोई यह पूछ रहा है कि क्या वे वाकई अपनी निष्ठा बदलने जा रही हैं।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार फिलहाल, बीजेपी या प्रियंका में से किसी ने भी इन दावों की पुष्टि नहीं की है। राजनीति में टाइमिंग का बड़ा महत्व होता है, और यह मुलाकात कब एक बड़े राजनीतिक बदलाव में बदल जाए, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल, प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण ने आग को पूरी तरह बुझाया नहीं, बल्कि और अधिक चर्चाओं को जन्म दिया है।

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