दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0: प्रदूषण पर सर्जिकल स्ट्राइक , अब पेट्रोल-डीजल वाहनों की छुट्टी तय
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दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने ईवी पॉलिसी 2.0 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। सरकार ने इसे जनता और विशेषज्ञों के सुझावों के लिए पब्लिक डोमेन में डाल दिया है। इस नई नीति का मुख्य लक्ष्य दिल्ली की सड़कों से पेट्रोल और डीजल के बढ़ते प्रभाव को खत्म करना है।

एग्रीगेटर्स के लिए सख्त नियम

नई नीति के अनुसार, राजधानी में ऐप-आधारित डिलीवरी और कैब सेवा देने वाली कंपनियों (एग्रीगेटर्स) पर नकेल कसी जाएगी। इस साल से इन कंपनियों को अपने बेड़े में नए पेट्रोल-डीजल वाहन शामिल करने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि, 31 दिसंबर 2026 तक उन्हें BS-VI मानक वाले दोपहिया वाहनों को शामिल करने की छूट दी गई है। उसके बाद, उन्हें अनिवार्य रूप से पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर शिफ्ट होना होगा।

2027 से इलेक्ट्रिक ऑटो ही चलेंगे

प्रदूषण को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने समय सीमा तय कर दी है। ड्राफ्ट के मुताबिक, 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा के ही नए पंजीकरण (Registration) किए जाएंगे। इसका सीधा अर्थ है कि आने वाले समय में सड़कों पर धुंआ छोड़ने वाले ऑटो पूरी तरह से नदारद होंगे।

सब्सिडी का तोहफा: 50,000 रुपये तक की मदद

ईवी अपनाने वालों के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि का प्रस्ताव रखा है। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदने पर पहले साल 50,000 रुपये, दूसरे साल 40,000 रुपये और तीसरे साल 30,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी नए ऑटो और पुराने सीएनजी ऑटो को बदलकर इलेक्ट्रिक वाहन लेने वालों पर भी लागू होगी।

निजी वाहनों के लिए भी अवसर

सिर्फ कमर्शियल ही नहीं, निजी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए भी सरकार ने राहत दी है। यदि कोई व्यक्ति अपने पुराने वाहन को अधिकृत सेंटर पर स्क्रैप करवाता है, तो स्क्रैप सर्टिफिकेट मिलने के 6 महीने के भीतर निजी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर उन्हें सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

सरकार का विजन: ज्यादा इस्तेमाल, ज्यादा इलेक्ट्रिक

सरकार का मानना है कि जिन वाहनों का दिनभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, वे ही सबसे अधिक प्रदूषण फैलाते हैं। इसलिए डिलीवरी और कैब फ्लीट पर ध्यान केंद्रित कर प्रदूषण में बड़ी गिरावट लाने की योजना है। दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता योजना (2023) के बाकी प्रावधान पहले की तरह ही प्रभावी रहेंगे।

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