मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के नाकाम होने के बाद तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए सैन्य विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का बड़ा कदम अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक घोषणा की है कि 13 अप्रैल की सुबह 10 बजे से ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू की जाएगी। राष्ट्रपति के आदेश पर यह कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से लागू की जाएगी, जिससे ईरान की आर्थिक नाकेबंदी तय मानी जा रही है।
इजरायल भी जंग के लिए तैयार इजरायली सेना (IDF) भी इस स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। खबर है कि इजरायल न केवल ईरान के साथ संभावित संघर्ष के लिए कमर कस रहा है, बल्कि अचानक हमलों की आशंका के चलते हाई अलर्ट पर है। इजरायली रक्षा अधिकारियों का मानना है कि पिछले संघर्षों में ईरान पर पर्याप्त दबाव नहीं बनाया गया, जिसे अब सुधारा जाना आवश्यक है।
ट्रंप प्रशासन के पास कौन से विकल्प? अमेरिकी प्रशासन कई विकल्पों पर मंथन कर रहा है। इसमें ईरान पर सीमित हमले, बड़े पैमाने पर बमबारी या होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक सैन्य नाकेबंदी शामिल है। हालांकि, व्यापक सैन्य अभियान से बचने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि इससे पूरा क्षेत्र अस्थिर हो सकता है। अमेरिका अब अपने सहयोगियों पर भी दबाव बना रहा है कि वे इस समुद्री मार्ग पर सुरक्षा मिशन में सहयोग करें।
ऑस्ट्रेलिया ने बनाई दूरी इस पूरे घटनाक्रम से ऑस्ट्रेलिया ने फिलहाल अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने स्पष्ट किया है कि उन्हें नाकाबंदी में शामिल होने के लिए कोई आधिकारिक अनुरोध नहीं मिला है। उन्होंने अमेरिकी रणनीति को एकतरफा बताते हुए क्षेत्र में तनाव कम करने का आह्वान किया है और समुद्री मार्गों को खुला रखने पर जोर दिया है।
दुनिया पर क्या होगा असर? होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार की लाइफलाइन है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैन्य टकराव बढ़ता है, तो तेल आपूर्ति पर इसका सीधा असर पड़ेगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था डगमगा सकती है। फिलहाल कूटनीति के दरवाजे बंद होते दिख रहे हैं और सैन्य तैयारियों ने इस पूरे क्षेत्र को एक अनिश्चित मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।
US Central Command tweets, U.S. Central Command (CENTCOM) forces will begin implementing a blockade of all maritime traffic entering and exiting Iranian ports on April 13 at 10 a.m. ET, in accordance with the President’s proclamation.
— ANI (@ANI) April 12, 2026
The blockade will be enforced impartially… pic.twitter.com/lGuWrHsjpp
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