होर्मुज में महानाकेबंदी का बिगुल: ईरान जाने वाले हर जहाज पर अमेरिकी नौसेना का पहरा
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ईरान-अमेरिका में आर-पार की जंग परमाणु हथियारों के मुद्दे पर तेहरान के साथ शांति वार्ता विफल होने के बाद, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में तत्काल प्रभाव से पूर्ण नाकेबंदी का ऐलान किया है। इस फैसले से मध्य पूर्व में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं।

आज सुबह 10 बजे से लागू होगी नाकेबंदी अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय समयानुसार आज सुबह 10 बजे से यह नाकेबंदी शुरू हो जाएगी। इसके तहत ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने या वहां से बाहर निकलने वाले किसी भी समुद्री जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध केवल ईरान ही नहीं, बल्कि अरब सागर और ओमान की खाड़ी के ईरानी तटीय क्षेत्रों तक लागू रहेगा।

नाविकों के लिए सख्त निर्देश अमेरिकी सेना ने निर्देश जारी किए हैं कि जो जहाज ईरानी बंदरगाहों से नहीं जुड़े हैं, उन्हें बाधा नहीं पहुंचाई जाएगी। हालांकि, क्षेत्र में मौजूद सभी वाणिज्यिक नाविकों को ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना बलों के साथ संपर्क में रहने को कहा गया है। नाविकों को सलाह दी गई है कि वे सूचना प्रसारण पर कड़ी नजर रखें।

ट्रंप की दो टूक: अवैध टोल देने वालों पर कार्रवाई डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि उन्होंने नौसेना को उन जहाजों की पहचान करने का निर्देश दिया है, जो ईरान को अवैध टोल का भुगतान कर रहे हैं। ट्रंप ने साफ कहा कि जो भी देश या कंपनी ईरान को वित्तीय मदद देगी, उसे समुद्र में सुरक्षित मार्ग नहीं मिलेगा। उन्होंने संकेत दिए कि इस नाकेबंदी में कुछ अन्य देश भी अमेरिका का साथ दे रहे हैं।

दुनिया के लिए तेल संकट का खतरा होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और संकरा समुद्री मार्ग है। वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इस नाकेबंदी के कारण पहले से ही आसमान छू रही ईंधन की कीमतें और अधिक बढ़ने की आशंका है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ना तय है।

हिंसा और बढ़ता तनाव 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से स्थिति भयावह हो चुकी है। अब तक ईरान में 3,000, लेबनान में 2,020 और अन्य खाड़ी देशों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका पूरी तरह मुस्तैद है और जरूरत पड़ने पर ईरान के सैन्य ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने से पीछे नहीं हटेगा।

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