MP की माटी में कुछ तो खास बात है : उन्नत कृषि महोत्सव में राजनाथ सिंह ने किसानों को बताया अर्थव्यवस्था का आधार
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मध्य प्रदेश के किसानों के लिए 11 अप्रैल का दिन नई उम्मीदों लेकर आया। रायसेन के दशहरा मैदान में तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव 2026 का भव्य आगाज हुआ, जहां परंपरागत खेती को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने का रोडमैप तैयार किया गया।

महोत्सव में दिग्गजों का जमावड़ा आयोजन का शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस मंच पर न केवल सरकारी योजनाओं का पिटारा खुला, बल्कि बीज, उर्वरक और आधुनिक कृषि मशीनरी का लाइव प्रदर्शन भी किया गया ताकि किसान तकनीक को करीब से समझ सकें।

ई-फॉर्म्स एप: बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति? महोत्सव के दौरान ई-फॉर्म्स एप लॉन्च किया गया। सरकार का दावा है कि यह एप सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाएगा और बिचौलियों की भूमिका खत्म करेगा। हालांकि, किसानों का मानना है कि इस डिजिटल पहल की सफलता जमीनी स्तर पर तकनीकी सहायता की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

किसान केवल अन्नदाता नहीं, पूरी अर्थव्यवस्था का इंजन हैं: राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने तर्क दिया कि प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक—अर्थव्यवस्था के तीनों क्षेत्र किसान की उपज से ही चलते हैं। उन्होंने युवाओं से ड्रोन, सेंसर और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप शुरू करने की अपील की। इसके अलावा, उन्होंने रक्षा मंत्रालय की उस पहल का जिक्र किया, जिसके तहत कैंटोनमेंट क्षेत्रों में स्थानीय किसानों से जैविक सब्जियां और श्री अन्न खरीदे जा रहे हैं।

एमपी को हॉर्टिकल्चर हब बनाने का संकल्प केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश में 55 दाल मिलें खोली जाएंगी और दलहन की खरीद एमएसपी (MSP) पर की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि रायसेन के बासमती चावल का निर्यात 47 देशों में हो रहा है, जो किसानों की समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उम्मीदों और सवालों के बीच महोत्सव महोत्सव में मृदा स्वास्थ्य कार्ड से लेकर एमएसपी तक पर चर्चा तो हुई, लेकिन किसानों के मन में अब भी सवाल हैं। जहां सरकार तकनीक और स्टार्टअप के जरिए किसानों की आय दोगुना करने का वादा कर रही है, वहीं किसान इन घोषणाओं के पूर्ण और पारदर्शी क्रियान्वयन की राह देख रहे हैं। रायसेन से शुरू हुआ यह कृषि संवाद अब खेत और खलिहानों तक कितना असर दिखाएगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।

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