समोसा आज भारत का सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फूड है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 500 साल पहले आपका पसंदीदा समोसा आज के समोसे से बिल्कुल अलग था? ब्रिटिश म्यूजियम में रखी एक प्राचीन फारसी पांडुलिपि निमतनामा ने समोसे के इतिहास से जुड़े कई चौंकाने वाले राज खोले हैं।
खुशियों की किताब का अनूठा सफर निमतनामा (Ni matnama) का अर्थ है खुशियों की किताब । 1501-1510 ईस्वी के बीच मांडू के सुल्तान के लिए लिखी गई यह पांडुलिपि एक ऐतिहासिक यात्रा की गवाह है। यह मुगल सम्राट अकबर के पुस्तकालय से होती हुई मैसूर के टीपू सुल्तान के दरबार तक पहुँची और अंततः ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के माध्यम से ब्रिटिश म्यूजियम का हिस्सा बनी।
न आलू, न मिर्च: क्या थी असली सामग्री? आज के समोसे की जान आलू और तीखी मिर्च है, लेकिन 500 साल पहले ये दोनों चीजें भारत में मौजूद ही नहीं थीं। उस समय के शाही समोसे में इनका इस्तेमाल नहीं होता था। नुस्खे के अनुसार:
शाही व्यंजन से स्ट्रीट फूड तक का सफर उस दौर में समोसे को संभुसा या संबोसा कहा जाता था। यह आम जनता का नाश्ता नहीं बल्कि राजाओं के दरबार की शान था। मांडू के सुल्तानों के रसोइये इसमें गुलाब जल, कपूर और कस्तूरी जैसे सुगंधित मसालों का इस्तेमाल करते थे, जिससे यह किसी परफ्यूम की तरह खुशबूदार होता था।
कैसे बदला समोसे का स्वरूप? समोसे का कायापलट तब हुआ जब भारत में आलू का आगमन हुआ। 16वीं सदी के बाद पुर्तगाली जब आलू लेकर आए, तो मांस और बैंगन की जगह उबले हुए आलू और मटर ने ले ली। यह बदलाव बहुत महत्वपूर्ण था, क्योंकि आलू सस्ता था, जिससे समोसा शाही दरबारों की चारदीवारी से निकलकर आम आदमी की पहुंच और सड़कों के किनारे तक पहुँच गया।
एक जीवित दस्तावेज निमतनामा सिर्फ एक रेसिपी बुक नहीं, बल्कि उस दौर की पाक कला का एक जीवंत दस्तावेज है। इसमें मौजूद पेंटिंग्स में रसोइयों को समोसे बेलते और घी की कड़ाही में तलते हुए दिखाया गया है। यह पांडुलिपि हमें याद दिलाती है कि समय के साथ स्वाद और सामग्री बदल सकती है, लेकिन समोसे के प्रति हमारी दीवानगी सदियों से बरकरार है।
*The samosa is one of the most eaten street foods on the planet. This is a 500-year-old recipe for it, written in Persian in a manuscript sitting in the British Museum.
— Dr. M.F. Khan (@Dr_TheHistories) April 8, 2026
The manuscript is called the Ni matnama, the Book of Delights, written between 1501-1510 AD, for the Sultan of… pic.twitter.com/uEjIe77zQl
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