ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह के अचानक घोषित युद्धविराम ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। इस शांति समझौते में पाकिस्तान की भूमिका के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के हस्तक्षेप को भी स्वीकार कर लिया है।
चीन की भूमिका पर क्या बोले ट्रंप? ट्रंप ने समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में पुष्टि की है कि इस समझौते के लिए चीन ने ही ईरान को बातचीत की मेज पर लाने का काम किया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या चीन ने ईरान को राजी किया है, तो ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा, हां, उन्होंने ऐसा किया है। यह बयान तब आया है जब ट्रंप अगले महीने बीजिंग जाने की तैयारी कर रहे हैं।
चीन का नपा-तुला रुख चीन ने आधिकारिक तौर पर अपनी भूमिका को रचनात्मक बताया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि एक जिम्मेदार देश के रूप में चीन मध्य पूर्व में शांति के लिए प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों के साथ 26 बार फोन पर बातचीत की है। हालांकि, बीजिंग ने समझौते के विस्तृत बिंदुओं पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।
चीन ने दिखाई अपनी सक्रियता भारत में चीनी राजदूत शू फ़ेहॉन्ग ने सोशल मीडिया के माध्यम से चीन के कूटनीतिक प्रयासों को हाईलाइट किया है। चीन और पाकिस्तान ने मिलकर खाड़ी क्षेत्र में शांति के लिए पांच सूत्रीय पहल का भी प्रस्ताव दिया है, हालांकि इसके विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
समझौते की शर्तें और ईरान का दावा ट्रंप का दावा है कि ईरान ने बातचीत के लिए 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव दिया है और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर सहमति बनी है। दूसरी ओर, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी अपनी शर्तें रखी हैं। इनमें ईरान के परमाणु संवर्धन को मान्यता देना, सभी प्रतिबंध हटाना, क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी और ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई न करने की गारंटी शामिल है।
अंतिम समझौते की ओर कदम दो सप्ताह का यह युद्धविराम मुख्य रूप से समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दिया गया है। फिलहाल, ट्रंप का कहना है कि यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे का पूरी तरह से ध्यान रखा जाएगा। पूरी दुनिया की निगाहें अब अगले 14 दिनों पर टिकी हैं कि क्या यह युद्धविराम एक स्थायी शांति समझौते में बदल पाएगा या यह केवल एक अस्थायी राहत है।
Since the ongoing conflict in Iran began,
— Xu Feihong (@China_Amb_India) April 8, 2026
Chinese FM Wang Yi has made intensive phone calls with multiple countries to bring about a cessation of hostilities. pic.twitter.com/oMrpgoPyP0
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