नोएडा: पिकनिक बनी मौत का सबब, गहरे गड्ढे में डूबने से एमिटी छात्र की दर्दनाक मौत
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नोएडा के सेक्टर-94 में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही ने एक युवा की जान ले ली। परीक्षा खत्म होने के बाद दोस्तों के साथ घूमने निकले 23 वर्षीय छात्र हर्षित भट्ट की गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पिकनिक के दौरान हुआ हादसा गाजियाबाद के इंदिरापुरम का रहने वाला हर्षित अपने दोस्त हिमांशु, व्यास और कृष के साथ सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा के पास खाली प्लॉट पर गया था। ये सभी एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्र थे। मस्ती के दौरान हर्षित पानी से भरे एक गड्ढे में उतरा, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह डूबने लगा। दोस्तों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे।

रेस्क्यू में एक की जान गई, तीन अस्पताल में घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे। भारी मशक्कत के बाद हर्षित को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, उसे बचाने के प्रयास में पानी में उतरे उसके तीनों दोस्तों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

अधूरा निर्माण बना ‘डेथ ट्रैप’ यह गड्ढा वास्तव में एक बेसमेंट निर्माण के लिए खोदा गया था। यहाँ हैबिटेट सेंटर बनाने का प्रोजेक्ट नोएडा प्राधिकरण ने पास किया था, जिसका जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम (UPRNN) को मिला था। 2021 में कानूनी विवाद के चलते निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया, जिसके बाद से यह जगह एक खतरनाक डेथ ट्रैप में बदल गई।

क्या प्राधिकरण ने ली सबक? यह पहली बार नहीं है जब नोएडा में किसी छात्र या युवक की मौत खुले गड्ढों के कारण हुई है। इससे पहले इंजीनियर युवराज की मौत के मामले ने भी शहर को झकझोर दिया था। तब प्राधिकरण ने डेथ पॉइंट्स को चिन्हित कर कार्रवाई का वादा किया था, लेकिन सेक्टर-94 की इस घटना ने साबित कर दिया है कि कागजी दावों के अलावा धरातल पर सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं बदला है।

पुलिस की जांच जारी मौके पर पहुंचे डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह डूबने का मामला लग रहा है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल, स्थानीय लोग शहर में फैले ऐसे असुरक्षित गड्डों को लेकर प्रशासन के प्रति भारी रोष में हैं।

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