नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष-विराम (Ceasefire) का भारत ने आधिकारिक स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार (8 अप्रैल) को एक बयान जारी करते हुए उम्मीद जताई कि यह पहल पश्चिम एशिया में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगी।
कूटनीति की जीत पर भारत का जोर विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत शुरू से ही इस बात पर जोर देता रहा है कि तनाव का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही निकल सकता है। पिछले 39 दिनों से जारी संघर्ष ने न केवल आम नागरिकों को भारी परेशानी में डाला है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक नेटवर्क को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। भारत को उम्मीद है कि अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के सामान्य हो सकेगी।
भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से भारतीय निर्यातकों ने राहत की सांस ली है। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (FIEO) के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा कि इससे शिपिंग में आ रही रुकावटें, बढ़ा हुआ भाड़ा और बीमा खर्च कम होने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यह राहत अभी शुरुआती है और क्षेत्र में स्थिरता बरकरार रहने पर ही व्यापार पूरी तरह सामान्य हो पाएगा।
भारत-खाड़ी व्यापारिक संबंधों के लिए क्यों अहम है यह शांति? भारत और खाड़ी देशों के बीच गहरे व्यापारिक संबंध हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का इन देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार 178 अरब डॉलर (लगभग 14.78 लाख करोड़ रुपये) का रहा था। भारत यहाँ से भारी मात्रा में तेल और गैस का आयात करता है, जबकि मशीनरी, रत्न-आभूषण और कृषि उत्पादों का निर्यात करता है। GCC के छह देशों—यूएई, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत और बहरीन—के साथ भारत के व्यापार के लिए होर्मुज मार्ग एक जीवनरेखा के समान है।
ट्रंप की घोषणा और पाकिस्तान की भूमिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी 48 घंटे की डेडलाइन खत्म होने से ठीक 90 मिनट पहले संघर्ष-विराम की घोषणा की। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के विशेष आग्रह पर उन्होंने यह निर्णय लिया है। ईरान ने भी दो हफ्ते के इस अस्थायी संघर्ष-विराम को मान लिया है। अब दोनों देशों के प्रतिनिधि शुक्रवार से इस्लामाबाद में बातचीत शुरू करेंगे, जिससे भविष्य की शांति का रास्ता तय होने की उम्मीद है।
Ministry of External Affairs says, We welcome the ceasefire reached and hope that it will lead to a lasting peace in West Asia. As we have continuously advocated earlier, de-escalation, dialogue and diplomacy are essential to bring an early end to the ongoing conflict. The… pic.twitter.com/p4QDf17oEI
— ANI (@ANI) April 8, 2026
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