पवन खेड़ा का नया वीडियो: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइंया सरमा को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के आरोपों का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। मामले में असम पुलिस द्वारा केस दर्ज करने और गिरफ्तारी की कोशिशों के बीच, पवन खेड़ा ने एक नया वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री को घेरा है।

पुलिस छापेमारी पर उठाए सवाल खेड़ा ने वीडियो में दावा किया कि पिछले दो दिनों से उन्हें डराने के लिए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, दिल्ली में करीब 100 पुलिसकर्मी मेरे फ्लैट पर पहुंचे। मैं वहां मौजूद नहीं था। पुलिस मेरे दिवंगत बहन का पुराना फोन, मेरा लैपटॉप और आईपैड अपने साथ ले गई।

खेड़ा ने इसे बदले की कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कांग्रेस केवल सवाल पूछ रही है, लेकिन सरकार जवाब देने के बजाय पुलिस के जरिए डराने की कोशिश कर रही है।

हमारी आदत डरने की नहीं है कांग्रेस प्रवक्ता ने कड़ी चुनौती देते हुए कहा, आपकी आदत डराने की हो सकती है, लेकिन हमारी नहीं। मैं मेवाड़ का हूं, कांग्रेसी हूं और राहुल गांधी का सिपाही हूं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो दस्तावेज साझा किए हैं, सरकार उस पर जांच बैठाने के बजाय गाली-गलौज और धमकियों का सहारा ले रही है।

दस्तावेजों और पासपोर्ट को लेकर नए खुलासे खेड़ा ने कुछ और कागजात दिखाते हुए नए सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मामला केवल वेबसाइट की तारीखों का नहीं, बल्कि कंपनियों के इनकॉर्पोरेशन का है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल किया कि क्या मिस्र, एंटिगुआ-बारबाडोस के पासपोर्ट और यूएई के गोल्डन वीजा की खबरें सच हैं?

शेल कंपनियों और केवायसी पर घेरा पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या उन्होंने या उनके परिवार ने फर्जी केवायसी (KYC) के जरिए शेल कंपनियां बनाई हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या मुख्यमंत्री के भाई की पत्नी और बेटे दुबई में रहते हैं? खेड़ा ने कहा कि यह व्यक्तिगत हमला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति से जवाबदेही मांगना है।

जवाब देना आपका फर्ज है वीडियो के अंत में खेड़ा ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे बदले की राजनीति छोड़कर जनता के सामने सच रखें। उन्होंने कहा, आपको सिर्फ चुनाव दिख रहा है, जबकि हमें असम की जनता दिखाई दे रही है। दिल पर हाथ रखकर बोलिए, क्या इन सवालों का जवाब देना आपका फर्ज नहीं है?

फिलहाल, इन गंभीर आरोपों पर असम सरकार की ओर से कोई नई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस विवाद ने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में उबाल ला दिया है।

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