अमेरिका और ईरान के बीच 15 दिनों के लिए घोषित युद्धविराम ने वॉशिंगटन में सियासी और सामाजिक हलचल तेज कर दी है। राजधानी की सड़कों पर लोग उतर आए हैं और व्हाइट हाउस को घेर लिया है।
व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाहर इकट्ठा हुए। नारेबाजी कर रहे लोगों का कहना है कि यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है।
प्रदर्शनकारियों को डर है कि इस फैसले से क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। कई लोगों ने इसे ट्रंप प्रशासन की कमजोर कूटनीति करार दिया और सरकार से इस पूरे समझौते पर पारदर्शिता की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था टाइट हालात को देखते हुए व्हाइट हाउस के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
क्यों लिया गया यह फैसला? राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पुष्टि की कि फिलहाल दो हफ्तों के लिए सैन्य हमले और बमबारी स्थगित रहेगी। ट्रंप के अनुसार, यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ बातचीत के बाद लिया गया है।
ट्रंप ने इसे व्यापक युद्धविराम की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। इजरायल ने भी इस फैसले का समर्थन किया है और ईरान पर हमले रोकने पर अपनी सहमति जताई है।
होर्मुज पर टिकी है शांति यह सीजफायर बिना शर्त नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना होगा। इसी शर्त के आधार पर सैन्य कार्रवाई को फिलहाल विराम दिया गया है।
इस्लामाबाद में होगी आर-पार की वार्ता अब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं। अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि वहां आमने-सामने बैठकर बातचीत करेंगे। पाकिस्तान की मध्यस्थता से शुरू हुई यह वार्ता अगर सफल रहती है, तो यह मध्य-पूर्व में स्थायी शांति का आधार बन सकती है।
फिलहाल, 15 दिनों का यह युद्धविराम संघर्ष को टालने का एक मौका है, लेकिन वॉशिंगटन की सड़कों पर जारी विरोध प्रदर्शन यह बताते हैं कि जनता का मिजाज अभी भी काफी गर्म है।
#WATCH | Washington, DC | Protestors gather outside the White House following US President Donald Trump’s ceasefire announcement. https://t.co/AFuHYOGyuh pic.twitter.com/ovCTXfNEAI
— ANI (@ANI) April 8, 2026
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