पेंटागन में पावर गेम : क्या ट्रंप की फायर लिस्ट में हैं रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ?
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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) इस समय भारी उथल-पुथल से गुजर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में अब रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की कुर्सी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पाम बोंडी की हालिया बर्खास्तगी के बाद से व्हाइट हाउस के गलियारों में चर्चा तेज है कि अगला नंबर हेगसेथ का ही है।

सिगनलगेट ने बढ़ाई ट्रंप की नाराजगी हेगसेथ की मुसीबत का बड़ा कारण सिगनलगेट स्कैम बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च 2025 में एक ग्रुप चैट के दौरान हेगसेथ से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक हो गई थी। इस बड़ी रणनीतिक चूक के बाद से राष्ट्रपति ट्रंप उनसे बेहद नाराज हैं। ट्रंप की फायर करने वाली कार्यशैली को देखते हुए हेगसेथ की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

व्हाइट हाउस के अंदर का पावर गेम हेगसेथ को केवल बाहर से नहीं, बल्कि अपने ही विभाग के अंदर से चुनौती मिल रही है। उन्हें आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल से अपनी कुर्सी को सीधा खतरा महसूस हो रहा है। ड्रिस्कॉल के पास उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का मजबूत समर्थन है। येल लॉ स्कूल में साथ पढ़ाई और इराक युद्ध में एक साथ काम करने के कारण दोनों के बीच गहरी दोस्ती है। यूक्रेन युद्ध में निभाी गई भूमिका के कारण ट्रंप भी ड्रिस्कॉल से काफी प्रभावित हैं।

आर्मी चीफ पर चली गाज अपनी स्थिति को सुरक्षित करने के लिए हेगसेथ ने आक्रामक रुख अपना लिया है। उन्होंने हाल ही में अमेरिकी आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज का इस्तीफा मांग लिया है। हेगसेथ को शक था कि जनरल जॉर्ज और डैन ड्रिस्कॉल के बीच करीबी रिश्ते उनकी सत्ता के लिए खतरा बन सकते हैं। पेंटागन के भीतर चल रही यह कशमकश अब एक कोल्ड वॉर में बदल चुकी है।

ईरानी मीडिया की तीखी ट्रोलिंग इस आंतरिक कलह का फायदा उठाते हुए ईरानी मीडिया ने हेगसेथ को निशाने पर लिया है। ईरान के सैन्य मीडिया ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए उनका नंबर मांगा है। उन्होंने लिखा, जिसके पास भी हेगसेथ का नंबर हो, उन्हें कॉल कर कहें कि फोन रिसीव करना बंद न करें। जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं, श्रीमान युवा युद्ध मंत्री!

गौरतलब है कि हेगसेथ ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने ट्रंप को ईरान के खिलाफ जंग लड़ने की सलाह दी थी। अब अपने ही देश में घिरे हेगसेथ पर ईरान की यह ट्रोलिंग उनके लिए किसी बड़े अपमान से कम नहीं है। पेंटागन के इस सियासी ड्रामे का अंत कब और कैसे होगा, इस पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।

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