लापता अमेरिकी पायलट पर ईरान का तंज: ट्रंप से ज्यादा हमारे पास सुरक्षित है आपका बेटा
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ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका के दो अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों (F-15 और A-10) को मार गिराया। इस घटना के बाद से एक अमेरिकी पायलट लापता है, जिसकी तलाश में ईरानी सेना ने व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

मां की अपील पर ईरान का तीखा जवाब लापता पायलट की मां ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे की सलामती के लिए भावुक अपील की थी। इसके जवाब में ईरान के दूतावासों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावासों ने कहा कि उनका बेटा अमेरिकी रेस्क्यू टीम के बजाय ईरान की हिरासत में अधिक सुरक्षित है।

ईरानी दूतावास ने दावा किया, दुआ कीजिए कि आपका बेटा अमेरिकी रेस्क्यू टीम के हाथ न लगे। हम सभ्य लोग हैं और कैदियों के साथ सम्मान से पेश आना जानते हैं। अपने बेटे के लिए ट्रंप की कमान से बेहतर ईरान की कैद है।

2003 के बाद अमेरिका को सबसे बड़ा झटका रिपोर्ट्स के अनुसार, 2003 के इराक युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी युद्ध में अमेरिकी फाइटर जेट्स को मार गिराया गया है। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग का यह छठा हफ्ता है और इसे अमेरिका के लिए बड़ी सैन्य हार के रूप में देखा जा रहा है। लापता पायलट को खोजने निकले अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर भी ईरान ने फायरिंग की, जिससे उन्हें मजबूरन वापस लौटना पड़ा।

इनाम का ऐलान और ग्राउंड जीरो के हालात ईरान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के गवर्नर ने लापता पायलट को पकड़ने या उसके बारे में जानकारी देने वाले के लिए इनाम की घोषणा की है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) पूरे इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं। वहीं, कुवैत में क्रैश हुए A-10 विमान का पायलट सुरक्षित बचने में सफल रहा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आंकड़ों के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और 300 से अधिक घायल हैं।

न्यूक्लियर प्लांट के पास धमाका, वार्ता के रास्ते बंद ईरानी मीडिया के अनुसार, बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास मिसाइल गिरने से एक नागरिक की मौत हुई है, हालांकि प्लांट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इस संघर्ष में अब तक ईरान के 4,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का नाम भी सामने आया है।

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को पाषाण युग में भेजने की धमकी के बावजूद, जमीन पर स्थिति पलट गई है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब अमेरिका के साथ किसी भी तरह की शांति वार्ता के लिए तैयार नहीं हैं। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने कहा कि अमेरिका का पूरा ध्यान अब सत्ता पलटने के बजाय अपने पायलटों को बचाने पर केंद्रित हो गया है।

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