तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सीबीएसई के नए पाठ्यक्रम ढांचे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने इसे महज शैक्षणिक सुधार मानने से इनकार करते हुए भाषाई थोपने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। स्टालिन के इस बयान ने देश में एक बार फिर भाषा नीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
समानता के सिद्धांत के खिलाफ है नई नीति मुख्यमंत्री स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका तर्क है कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत पेश किया गया यह ढांचा भारतीय भाषाओं के विकास का मुखौटा पहनकर असल में हिंदी को प्राथमिकता दे रहा है।
स्टालिन ने सीधा सवाल किया कि यदि तीन भाषाएं सीखना अनिवार्य है, तो क्या हिंदी भाषी राज्यों के छात्रों के लिए तमिल, तेलुगु या कन्नड़ सीखना भी अनिवार्य किया जाएगा? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो यह नीति एकतरफा है और देश की विविधता के लिए खतरा है।
केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों का संकट स्टालिन ने केंद्र सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में एक ओर तो भाषाओं के संरक्षण की बात की जाती है, लेकिन हकीकत में वहां न तो तमिल अनिवार्य है और न ही उसे पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक मौजूद हैं। उन्होंने साफ किया कि बिना संसाधनों के भाषा विकास केवल एक जुमला है।
2026-27 सत्र से लागू होगी त्रि-भाषा नीति यह विवाद उस समय गहराया है जब सीबीएसई सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से तीन भाषाएं पढ़ने की नीति लागू करने की तैयारी में है, जिनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। स्टालिन ने इस मामले में तमिलनाडु के एआईएडीएमके और एनडीए के अन्य सहयोगियों से भी अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल स्टालिन की टिप्पणी ने आने वाले दिनों के लिए एक बड़े राजनीतिक संघर्ष की नींव रख दी है। भाषाई पहचान और सांस्कृतिक विविधता का मुद्दा दक्षिण भारत में हमेशा से संवेदनशील रहा है। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे को किस तरह से उठाते हैं।
The recently unveiled curriculum framework by the Central Board of Secondary Education, aligned with the National Education Policy 2020, is not an innocent academic reform—it is a calculated and deeply concerning attempt at linguistic imposition that vindicates our long-standing… pic.twitter.com/9sTZKVV7md
— M.K.Stalin - தமிழ்நாட்டை தலைகுனிய விடமாட்டேன் (@mkstalin) April 4, 2026
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