पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना ने देश की राजनीति में उबाल ला दिया है। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने इस शर्मनाक घटना को लेकर ममता बनर्जी सरकार को आड़े हाथों लिया है।
बंगाल में अपराधियों का राज: पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए रामकृपाल यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब आम आदमी तो दूर, न्यायिक अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि राज्य से कानून का राज पूरी तरह समाप्त हो चुका है और अब वहां अपराधियों का बोलबाला है।
अब केंद्र के हाथ में कमान : मंत्री ने मालदा कांड की जांच एनआईए (NIA) को सौंपने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मामला अब केंद्रीय एजेंसी के पास है, जिससे राज्य सरकार का दखल खत्म हो जाएगा। उन्हें उम्मीद है कि एनआईए की जांच से ही अधिकारियों को न्याय मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
जनता उखाड़ फेंकेगी ऐसी सरकार: आने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए रामकृपाल यादव ने ममता सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि जो सरकार संविधान और कानून की धज्जियां उड़ाती है, उसे जनता आगामी चुनाव में सत्ता से बाहर कर देगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र का दम घोंटा जा रहा है।
क्या हुआ था उस रात मालदा में? बुधवार को मालदा के कालियाचक में एसआईआर (SIR) के काम के दौरान बवाल हुआ। कुछ लोगों के नाम लिस्ट से हटाए जाने पर भीड़ हिंसक हो गई। प्रदर्शनकारियों ने तीन महिला अधिकारियों समेत सात न्यायिक अधिकारियों को करीब 9 घंटे तक एक ब्लॉक ऑफिस में बंधक बनाए रखा। इस दौरान उन्हें न खाना और न ही पानी दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट सख्त: एनआईए करेगी जांच इस घटना को सुप्रीम कोर्ट ने न्याय प्रशासन में बाधा डालने की एक ढीठ कोशिश करार दिया है। शीर्ष अदालत के निर्देश के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच एनआईए को सौंपी है। टीम आज मालदा पहुंचकर प्रभावित अधिकारियों के बयान दर्ज करेगी। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 18 आरोपियों में एक राजनीतिक दल का उम्मीदवार भी शामिल है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
चुनाव आयोग की कड़ी चेतावनी पूर्व चुनाव अधिकारी मोहम्मद अमीन ने भी इस घटना को शर्मनाक बताया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के कहीं भी भीड़ इकट्ठा होने या जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध है। वहीं, कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब सभी की नजरें 6 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां एनआईए अपनी पहली स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी।
*#WATCH | Patna, Bihar: On Malda incident and Law & Order in West Bengal, Bihar minister Ram Kripal Yadav says, ... The Malda case involving violence against a judicial officer has been handed over to the NIA, which will ensure central control and greater safety. Right now, even… pic.twitter.com/F0tUDCFwBY
— ANI (@ANI) April 3, 2026
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