लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर दलित और आदिवासी युवाओं के भविष्य पर चिंता जताई है। उन्होंने 2 अप्रैल 2018 के भारत बंद के दौरान युवाओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की पुरजोर अपील की है।
क्या था 2 अप्रैल 2018 का आंदोलन? साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम को कमजोर कर दिया था। इसके विरोध में देशभर में दलित और आदिवासी समुदायों ने सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया था। इस दौरान हुई हिंसा और प्रदर्शनों में 14 दलित युवाओं की जान गई थी।
संसद ने कानून मजबूत किया, लेकिन युवा अब भी उलझे हैं राहुल गांधी ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि तत्कालीन दबाव के कारण संसद ने SC/ST (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम-2018 पारित कर कानून की शक्ति को बहाल किया, जिस पर 2020 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी मुहर लगाई।
हालांकि, राहुल गांधी का कहना है कि कानून तो मजबूत हुआ, लेकिन इस आंदोलन में शामिल हजारों निर्दोष युवा आज भी कानूनी मुकदमों का बोझ ढो रहे हैं।
युवाओं के भविष्य पर मंडराता संकट पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि इन युवाओं में से कई अपने परिवारों की पहली पीढ़ी के शिक्षित लोग हैं। उन पर दर्ज आपराधिक मामलों की वजह से उनकी पढ़ाई, सरकारी नौकरी और भविष्य की संभावनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा, शांतिपूर्ण आंदोलन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। न्याय, समानता और गरिमा के लिए आवाज उठाने वाले इन युवाओं को अपराधी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
पीएम मोदी से संवेदनशील और न्यायपूर्ण कदम की उम्मीद नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि सरकार इस पूरे मामले पर सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाए। उन्होंने मांग की है कि इन युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की सरकार समीक्षा करे और उन्हें तुरंत प्रभाव से वापस ले या रद्द करे।
राहुल गांधी के इस पत्र के बाद अब दलित-आदिवासी संगठनों और सरकार के बीच इस मुद्दे पर नई बहस छिड़ने की संभावना है।
8 साल पहले, SC/ST Act को कमजोर करने के खिलाफ लाखों दलित-आदिवासी युवाओं ने आंदोलन किया, जिसमें कई गिरफ्तार हुए।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 2, 2026
संसद ने कानून तो मजबूत किया, लेकिन आज भी निर्दोष युवा मुकदमों का बोझ उठा रहे हैं।
मजबूत SC/ST Act उनका हक है और शांतिपूर्ण आंदोलन उनका अधिकार।
आज प्रधानमंत्री से… pic.twitter.com/JFWuH5yQEX
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