ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी नागरिकों के नाम एक खुला पत्र जारी किया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस चार पन्नों के पत्र में उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिकी जनता से संवाद की कोशिश की है। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य गतिरोध चरम पर है।
ईरान को खतरा बताना एक सोची-समझी साजिश राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया कि ईरान की जनता अमेरिकी नागरिकों के प्रति कोई वैरभाव नहीं रखती। उन्होंने ईरान को एक वैश्विक खतरा बताए जाने के दावों को खारिज करते हुए इसे दुश्मन गढ़ने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा कि सैन्य प्रभुत्व बनाए रखने, हथियारों की बिक्री बढ़ाने और रणनीतिक बाजारों पर नियंत्रण के लिए अमेरिका ने ईरान की एक गलत छवि गढ़ी है।
इजरायल का प्रॉक्सी बना अमेरिका पत्र में पेजेश्कियान ने अमेरिका पर इजरायल के इशारों पर काम करने का कड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इजरायल के प्रॉक्सी के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या निर्दोष बच्चों की हत्या और किसी देश को पत्थर युग में भेजने की धमकी देना अमेरिका की वैश्विक छवि को बेहतर बनाता है? उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल गाजा से ध्यान हटाने के लिए ईरान के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है।
1953 का तख्तापलट: अविश्वास की जड़ ईरान और अमेरिका के बीच दशकों पुराने अविश्वास को लेकर उन्होंने 1953 के तख्तापलट का जिक्र किया। इसे अमेरिकी हस्तक्षेप का अवैध मोड़ बताते हुए उन्होंने कहा कि उस समय अमेरिका ने ईरान की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कुचलकर तानाशाही को बहाल किया था। बाद के वर्षों में शाह का समर्थन, सद्दाम हुसैन को सैन्य मदद और लगातार लगे प्रतिबंधों ने इस खाई को और गहरा कर दिया है।
टकराव नहीं, संवाद ही एकमात्र रास्ता पेजेश्कियान ने चेतावनी दी कि दुनिया आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है और सैन्य टकराव की लागत अब बहुत ज्यादा हो गई है। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों से अपील की कि वे अपने देश द्वारा फैलाई जा रही जानकारी और वास्तविकता के बीच अंतर को समझें। उन्होंने जोर दिया कि टकराव के बजाय संवाद ही भविष्य का एकमात्र शांतिपूर्ण रास्ता है।
पत्र की 20 मुख्य बातें:
To the people of the United States of America pic.twitter.com/3uAL4FZgY7
— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) April 1, 2026
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