ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुका है। 34 दिनों से चल रहे इस भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRCG) पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया है।
हमले में 12,300 ठिकानों का खात्मा ट्रंप ने युद्ध के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के 12,300 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। राष्ट्रपति ने दावा किया कि युद्ध के इतिहास में यह अब तक का सबसे प्रभावी सैन्य अभियान रहा है। उन्होंने वेनेजुएला के पूर्व अभियानों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत है।
परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं अपने संबोधन में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान में परमाणु हथियारों के विकास को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ईरान ने अतीत में कई गलतियां की हैं, जिन्हें अब सुधारा जा रहा है। ट्रंप ने जानकारी दी कि ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटी पर लगातार हमले किए गए हैं, ताकि उनकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
होर्मुज स्ट्रेट पर होगा अमेरिका का कब्जा राष्ट्रपति ने ऑपरेशन फ्यूरी (Operation Fury) को लेकर भविष्य की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश करेगा और खुद उसकी सुरक्षा संभालेगा। ट्रंप के अनुसार, इस विवाद के खत्म होते ही यह समुद्री रास्ता खुद-ब-खुद व्यापार के लिए खुल जाएगा। उन्होंने दो-तीन हफ्तों के भीतर इस युद्ध से बाहर निकलने का संकेत भी दिया।
शासन बदलने का इरादा नहीं, लेकिन आक्रामकता खत्म ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका का मकसद ईरान का शासन बदलना नहीं है, हालांकि वहां का मूल शासन पहले ही समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा, हम ईरान के आक्रामक रवैये का अंत कर चुके हैं। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में गिरावट आएगी, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
32 दिनों में तय हुई युद्ध की दिशा युद्ध की गति पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने तुलना की कि वियतनाम युद्ध 18 साल तक खिंचा था, लेकिन इस सैन्य अभियान का निर्णय मात्र 32 दिनों में लिया गया और उसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका को अब किसी अन्य देश के तेल पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है और वे अपनी शर्तों पर वैश्विक शांति सुनिश्चित करेंगे।
#WATCH | Addressing the nation, US President Donald Trump says, The situation has been going on for 47 years and should have been handled long before I arrived in office. I did many things during my two terms in office to stop the quest for nuclear weapons by Iran first. And… pic.twitter.com/5ODh8ySPKf
— ANI (@ANI) April 2, 2026
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