केरल चुनाव 2026: सत्ता की चाबी छीनेंगी ये 10 हॉट सीटें , क्या इतिहास दोहराएगा वाम मोर्चा?
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केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। राज्य की 140 सीटों पर होने वाले इस महासंग्राम में पिछले दो चुनावों से सत्ता पर काबिज लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और मुख्य विपक्षी गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच कांटे की टक्कर तय है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी भी अपनी पैठ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

सरकार बनाने का गणित केरल में बहुमत का जादुई आंकड़ा 71 सीटों का है। पिछली बार वाम मोर्चे ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। इस बार मुकाबला दिलचस्प है क्योंकि सत्ता विरोधी रुझान और नए चुनावी मुद्दों ने समीकरणों को पेचीदा बना दिया है।

वे 10 सीटें जो बदलेंगी सरकार की दिशा राजनीतिक विशेषज्ञों की नजरें खास तौर पर इन 10 सीटों पर टिकी हैं, जो सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी:

  1. तिरुवनंतपुरम: राजधानी की यह सीट हाई-प्रोफाइल है, जहाँ त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
  2. त्रिशूर: भाजपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का विषय बनी हुई है।
  3. पलक्कड़: यहाँ भाजपा, कांग्रेस और वाम दलों के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है।
  4. कोझिकोड: परंपरागत वाम गढ़ में इस बार कड़ी चुनौती मिल रही है।
  5. कन्नूर: वाम राजनीति के इस गढ़ में हर नजर टिकी है।
  6. एर्नाकुलम: व्यापारिक केंद्र होने के कारण इस सीट का राजनीतिक प्रभाव अधिक है।
  7. मलप्पुरम: मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के नाते UDF का गढ़ है, लेकिन अन्य दल भी सेंध लगाने की कोशिश में हैं।
  8. कोट्टायम: ईसाई वोट बैंक के समीकरण इस सीट को बेहद संवेदनशील बनाते हैं।
  9. कोल्लम: यहाँ वामपंथी और कांग्रेसी उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर है।
  10. अट्टिंगल: राजधानी के करीब होने के कारण यहाँ का मुकाबला काफी रोमांचक होने वाला है।

चुनाव के मुख्य मुद्दे इस बार का चुनाव केवल नारों तक सीमित नहीं है। बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई, राज्य की खराब होती आर्थिक स्थिति और विकास परियोजनाओं में देरी बड़े चुनावी मुद्दे हैं। इसके अतिरिक्त, विपक्ष सरकार को प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार को लेकर घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है।

भाजपा का विजन और विपक्ष की चुनौती भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने साफ किया है कि उनकी पार्टी केरल के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का विजन लेकर चल रही है। उन्होंने कांग्रेस और सीपीएम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए वे केवल दुष्प्रचार कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस गठबंधन सत्ता में वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है।

चुनाव आयोग ने चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। 2026 का चुनाव यह तय करेगा कि क्या वाम मोर्चा तीसरी बार जीत का इतिहास रच पाएगा या राज्य में सत्ता परिवर्तन का दौर फिर से लौटेगा।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. केरल विधानसभा में कुल कितनी सीटें हैं? उत्तर: केरल विधानसभा में कुल 140 सीटें हैं।

Q2. सरकार बनाने के लिए कितनी सीटों की आवश्यकता है? उत्तर: पूर्ण बहुमत के लिए किसी भी गठबंधन को कम से कम 71 सीटें जीतनी होंगी।

Q3. मुख्य चुनावी मुकाबला किनके बीच है? उत्तर: मुख्य मुकाबला सत्ताधारी LDF और विपक्षी गठबंधन UDF के बीच है, जबकि भाजपा अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए संघर्ष कर रही है।

Q4. कौन सी सीटें सबसे चुनौतीपूर्ण हैं? उत्तर: तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर, एर्नाकुलम और कोझिकोड जैसी सीटें इस बार गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं।

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