अमेरिका ने दी 5 दिन की राहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप ने ईरान पर होने वाले अमेरिकी सैन्य हमलों को अगले 5 दिनों के लिए टाल दिया है। इस फैसले के पीछे का मकसद दोनों देशों के बीच जारी तनाव को बातचीत के जरिए सुलझाना है। ट्रंप ने पहले ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसे अब विराम में बदल दिया गया है।
नेतन्याहू ने ट्रंप को दी खुली चुनौती अमेरिका की शांति की कोशिशों के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपना रुख कड़ा रखा है। ट्रंप से फोन पर बातचीत के बाद नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि इजरायल अपने हमले नहीं रोकेगा। उन्होंने कहा कि वे ईरान और लेबनान दोनों मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई जारी रखेंगे। नेतन्याहू के मुताबिक, इजरायल ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को पूरी तरह नष्ट करने के अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगा।
दो परमाणु वैज्ञानिकों को किया ढेर नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर अपनी रणनीति उजागर करते हुए बताया कि इजरायली सेना लगातार हिज्बुल्लाह और ईरानी ठिकानों को निशाना बना रही है। हाल ही में उन्होंने दो और ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराने का दावा किया है। नेतन्याहू का कहना है कि किसी भी समझौते के बावजूद इजरायल अपने अस्तित्व और सुरक्षा के लिए जरूरी हर गतिविधि जारी रखेगा।
ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप दिलचस्प बात यह है कि जहां ट्रंप बातचीत का दावा कर रहे हैं, वहीं ईरान ने इसे सिरे से नकार दिया है। ईरानी संसद के स्पीकर ने इन दावों को फेक न्यूज करार दिया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल तेल बाजारों में हेरफेर करने और वैश्विक दबाव से बचने के लिए बातचीत का झूठा नैरेटिव फैला रहे हैं। ईरान की ओर से साफ कहा गया है कि अमेरिका के साथ ऐसी कोई बातचीत नहीं हो रही है।
क्या युद्धविराम मुमकिन है? ट्रंप प्रशासन इस जंग को जल्द से जल्द खत्म करने की कोशिश में है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों देशों के बीच किसी प्रकार की शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान को एक न्यूट्रल वेन्यू के तौर पर चुना जा सकता है। ट्रंप की नजरें अब उसी ऐतिहासिक समझौते पर हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में स्थिरता आ सके। लेकिन नेतन्याहू की जिद ने अमेरिका के इस शांति प्रलोभन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
מוקדם יותר היום שוחחתי עם ידידנו הנשיא טראמפ.
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) March 23, 2026
הנשיא טראמפ מאמין שיש סיכוי למנף את ההישגים הכבירים שהשגנו עם צבא ארה ב, כדי לממש את יעדי המלחמה בהסכם - הסכם שישמור על האינטרסים החיוניים שלנו.
במקביל, אנחנו ממשיכים לתקוף גם באיראן וגם בלבנון. אנחנו כותשים את תוכנית הטילים… pic.twitter.com/EHG9geofkl
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