केरल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच एक आधिकारिक दस्तावेज ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। CPI(M) ने चुनाव आयोग (EC) के एक पत्र पर भाजपा केरल की मुहर लगी होने का दावा किया है, जिससे आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब CPI(M) केरल ने सोशल मीडिया पर 2019 के एक हलफनामे की कॉपी साझा की। इस आधिकारिक दस्तावेज के नीचे चुनाव आयोग की मुहर के बजाय भाजपा केरल की मुहर अंकित थी। इसे लेकर CPI(M) ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब चुनाव आयोग और भाजपा एक ही पावर सेंटर से संचालित हो रहे हैं?
CPI(M) के इस खुलासे के बाद कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस भी हमलावर हो गए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए चुनाव आयोग को भाजपा की बी-टीम तक कह दिया है। विपक्ष का तर्क है कि एक सरकारी दस्तावेज पर किसी राजनीतिक दल की मुहर होना महज एक चूक नहीं, बल्कि एक गंभीर संस्थागत सांठगांठ की ओर इशारा है।
विवाद गहराता देख केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने इसे क्लेरिकल एरर यानी लिपिकीय त्रुटि करार दिया है। स्पष्टीकरण के अनुसार, भाजपा की राज्य इकाई ने 2019 के निर्देशों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था और साथ में अपनी मुहर वाला एक दस्तावेज जमा किया था। कार्यालय के कर्मचारियों ने अनजाने में उसी सॉफ्ट कॉपी को अन्य दलों को भेज दिया।
आयोग ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए त्वरित कार्रवाई की है। इस चूक के लिए जिम्मेदार असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, 21 मार्च को उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक औपचारिक पत्र जारी कर उस गलत दस्तावेज को सभी राजनीतिक दलों से वापस लेने का निर्देश दिया है।
चुनाव आयोग ने जनता और मीडिया से अपील की है कि इसे एक मानवीय भूल माना जाए। आयोग ने जोर देकर कहा कि उनकी कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी है और भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र लागू कर दिया गया है। विपक्ष के तमाम आरोपों के बीच आयोग ने अपनी तटस्थता को दोहराया है।
Have all pretences been dropped by the BJP?
— CPI(M) Kerala (@CPIMKerala) March 23, 2026
It is no secret that the same power centre seems to control both the Election Commission of India and the BJP. Even then, at least maintain the courtesy of two separate desks.
Now even that seems unnecessary.
Seals are being casually… pic.twitter.com/MfMXNaXTgk
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