पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के साये में भारत सरकार की विदेश मामलों की संसदीय समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में युद्ध जैसे हालातों के बीच भारत की सुरक्षा और आर्थिक हितों को लेकर गंभीर मंथन किया गया।
बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा था। शशि थरूर ने बताया कि ईरान में वर्तमान में लगभग 9,000 भारतीय रह रहे हैं। फिलहाल स्थिति चिंताजनक नहीं है, क्योंकि यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों से कमर्शियल उड़ानें सामान्य रूप से चल रही हैं। सरकार वहां के हालात पर हर पल नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
युद्ध के हालातों का सबसे बुरा असर खाड़ी देशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों पर पड़ा है। करीब 23,000 छात्र 10वीं और 12वीं की CBSE परीक्षाएं नहीं दे पाए हैं। थरूर ने जानकारी दी कि विदेश और शिक्षा मंत्रालय के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। सरकार इन छात्रों के लिए रेमेडियल अरेंजमेंट (उपचारात्मक व्यवस्था) पर विचार कर रही है ताकि उनका शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर पश्चिम एशिया पर निर्भर है। बैठक में तनाव के कारण पेट्रोलियम जहाजों की आवाजाही पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई गई। हालांकि कुछ जहाज प्रभावित हुए हैं, लेकिन सरकार अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जरिए सप्लाई लाइन को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रही है ताकि देश में ईंधन की कोई किल्लत न हो।
बैठक में चर्चा सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें भविष्य की कूटनीति पर भी जोर दिया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक प्रभाव और AI इम्पैक्ट समिट के परिणामों पर बात हुई। शशि थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी टेक डिप्लोमेसी के जरिए ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) का नेतृत्व कर सकता है, जिससे भविष्य की डिजिटल चुनौतियों का मिलकर सामना किया जा सके।
संसदीय समिति ने इस बात को दोहराया कि विदेश में बसा भारतीय समुदाय भारत की एक बड़ी शक्ति है। समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संकट की इस घड़ी में हर प्रवासी भारतीय को यह भरोसा रहे कि उनका देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है। बैठक में विदेश सचिव की अनुपस्थिति के बावजूद कई अहम मसलों पर व्यापक सहमति बनी ताकि भारत के हितों की रक्षा की जा सके।
#WATCH | Delhi: On the meeting of the Parliamentary Standing Committee on External Affairs, Congress MP Shashi Tharoor says, It was a very good discussion... The first discussion on West Asia was the most comprehensive. We had 17 members attending, and every single one of them… pic.twitter.com/H6uo2dQf0V
— ANI (@ANI) March 18, 2026
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