कीव: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने खुलासा किया है कि उनके देश के 200 से अधिक सैन्य विशेषज्ञ मध्य पूर्व के देशों में तैनात हैं। इनका मुख्य मिशन ईरान के शाहेद (Shahed) ड्रोन्स से बचाव करना है।
यूक्रेन का एंटी-ड्रोन मिशन यूके की संसद में दिए अपने संबोधन में जेलेंस्की ने बताया कि 201 एंटी-ड्रोन विशेषज्ञ पहले से ही खाड़ी देशों में तैनात हैं, जबकि 34 अन्य विशेषज्ञों की टीम तैनाती के लिए तैयार है। ये टीम संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और सऊदी अरब में काम कर रही है और अब कुवैत जाने की तैयारी है।
क्यों खतरनाक हैं ईरानी ड्रोन्स? जेलेंस्की ने ईरान और रूस के गठबंधन को नफरत का भाई करार दिया। उन्होंने कहा कि रूस और ईरान हथियारों के साझेदार हैं। ईरान के लो-कॉस्ट शाहेद ड्रोन्स, जिनका इस्तेमाल रूस 2022 से यूक्रेन के खिलाफ कर रहा है, अब मिडिल ईस्ट में भी अमेरिकी हितों और स्थानीय देशों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।
यूक्रेन का अनुभव मिडिल ईस्ट के काम का यूक्रेन ने पिछले दो सालों में शाहेद ड्रोन्स को बेअसर करने की सधी हुई रणनीति विकसित की है। जेलेंस्की का कहना है कि यूक्रेन अब रोजाना 2,000 ऐसे इंटरसेप्टर ड्रोन्स बनाने में सक्षम है, जो दुश्मन के ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराते हैं। उनका दावा है कि यूक्रेन के मोर्चे पर रूस को होने वाले 90% नुकसान के पीछे इन्हीं ड्रोन तकनीकों का हाथ है।
सस्ता और सटीक समाधान यूक्रेन की रक्षा रणनीति महंगे मिसाइल सिस्टम के बजाय सस्ते FPV इंटरसेप्टर ड्रोन्स पर आधारित है। जहां एक शाहेद ड्रोन को मार गिराने के लिए अमेरिका को लाखों डॉलर की मिसाइल खर्च करनी पड़ती है, वहीं यूक्रेन इसे बेहद कम लागत में प्रभावी ढंग से खत्म कर देता है। जेलेंस्की ने इसे तकनीक और निवेश का खेल बताते हुए कहा कि यही समाधान होर्मुज जलडमरूमध्य जैसी जटिल स्थितियों में काम आ सकते हैं।
ट्रंप की असहमति, खाड़ी देशों का स्वागत हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर स्पष्ट किया है कि उन्हें मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ यूक्रेन की मदद की जरूरत नहीं है। अमेरिका अपनी लुकास (LUCAS) प्रणाली का उपयोग कर रहा है। इसके बावजूद, खाड़ी के कई देश रूसी-ईरानी ड्रोन तकनीक के खिलाफ यूक्रेन के व्यावहारिक अनुभव और उनकी रक्षा विशेषज्ञता पर भरोसा जता रहे हैं।
Right now, there are 201 Ukrainians in the Middle East and the Gulf region. And another 34 are ready to deploy.
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) March 17, 2026
These are military experts, experts who know how to help, how to defend against “shahed” drones. Our teams are already in the Emirates, Qatar, Saudi Arabia, and on the… pic.twitter.com/euID5BBqUt
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