रियाद में कूटनीतिक हलचल मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने बुधवार शाम रियाद में अरब और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों की एक उच्च-स्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा करना है।
अचानक क्यों पड़ी बैठक की जरूरत? 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों ने सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले 19 दिनों से जारी इस टकराव ने मध्य पूर्व को दशकों के सबसे बड़े सुरक्षा संकट में धकेल दिया है।
वैश्विक व्यापार और तेल पर असर इस युद्ध की आंच केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है। दुबई और दोहा के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स को बार-बार बंद करना पड़ा है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा दबाव बन गया है।
सऊदी की सक्रिय कूटनीति सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने इस बैठक की रूपरेखा तैयार करने के लिए मिस्र, इराक, सीरिया और यूएई समेत कई देशों के समकक्षों से फोन पर लंबी बातचीत की है। इस परामर्श सत्र का लक्ष्य डी-एस्केलेशन यानी तनाव कम करने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करना है ताकि संघर्ष को और फैलने से रोका जा सके।
क्या बड़ा फैसला लेंगे अरब देश? अमेरिका ने पहले ही अरब देशों से अपनी सुरक्षा व्यवस्था खुद संभालने की अपील की थी। हालांकि सऊदी और अन्य अरब देशों ने अब तक ईरान के हमलों पर संयम बरता है, लेकिन ईरान में बदलती लीडरशिप और स्थिति को देखते हुए अब कूटनीतिक रुख सख्त हो सकता है। यह बैठक तय करेगी कि क्या अरब-इस्लामी देश सामूहिक रूप से इस संकट से निपटने के लिए कोई कड़ा रुख अपनाएंगे या नहीं। पूरी दुनिया की नजरें अब रियाद की इस ऐतिहासिक बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।
The Kingdom of Saudi Arabia is hosting this evening in Riyadh, on Wednesday, 29 Ramadan 1447 AH, corresponding to March 18, 2026, a consultative ministerial meeting of the foreign ministers of a number of Arab and Islamic countries, with the aim of further consultation and… pic.twitter.com/EVQE66CkJU
— Foreign Ministry 🇸🇦 (@KSAmofaEN) March 18, 2026
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