3 घंटे तड़पती रही गर्भवती, अस्पताल ने नहीं देखा! CM फडणवीस का कार्रवाई का भरोसा
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पुणे: एक गर्भवती महिला को पुणे के एक अस्पताल द्वारा केवल इसलिए भर्ती नहीं किया गया क्योंकि परिवार 20 लाख रुपये की अग्रिम राशि का भुगतान नहीं कर पाया। इस घटना से दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल विवादों में घिर गया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

सीएम फडणवीस ने कहा, मैंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि हमने एक समिति बनाई है। यह समिति आज ही पहुंच गई है। हम दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। राज्य सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) भी तैयार करेगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस घटना के संबंध में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

सीएम ने यह भी बताया कि भाजपा एमएलसी अमित गोरखे के निजी सहायक की पत्नी की प्रसव के दौरान हुई मौत की जांच के लिए भी एक समिति गठित की गई है। इस घटना ने चिकित्सा लापरवाही के आरोपों को जन्म दिया है।

गौरतलब है कि पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल द्वारा पैसे की कमी का हवाला देकर इलाज से इनकार करने के बाद गर्भवती महिला तनीषा भिसे की कथित तौर पर मौत हो गई। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया था।

मृतक महिला की भाभी प्रियंका पाटिल ने घटना का पूरा विवरण बताया। उन्होंने कहा, जब हम वहां पहुंचे, तो उन्होंने उसका बीपी चेक किया। हमें बताया गया कि उसकी हालत गंभीर है और उन्हें जांच करानी है। उन्होंने उसे कुछ भी खाने-पीने से मना किया। उन्होंने हमसे 20 लाख रुपए जमा करने को कहा और 10 लाख डिपोजिट करने को कहा। उसका बीपी और बढ़ गया और उसे रक्तस्राव भी होने लगा।

प्रियंका ने आगे बताया कि, हमने एक घंटे के भीतर 3 लाख रुपए का इंतजाम किया और बिलिंग विभाग में पहुंचे और उनसे भर्ती करने का आग्रह किया। लेकिन उन्होंने पैसे स्वीकार नहीं किए और शुरू में बताई गई राशि की ही मांग की। डॉक्टर ने उसे रक्तस्राव रोकने के लिए पहले से लिखी गई दवा खाने को कहा, लेकिन कुछ और नहीं किया। हमने आखिरकार उसे ससून अस्पताल ले जाने की कोशिश की और खुद ही व्हीलचेयर लेकर आए। किसी ने हमारी मदद नहीं की। सीसीटीवी देखें, उन्होंने 3 घंटे तक कुछ नहीं किया।

एक अन्य रिश्तेदार अक्षय पाटिल ने कहा, हम कह सकते हैं कि उन्होंने उसकी हत्या की है। वह बहुत तकलीफ में थी। डॉक्टर का लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए।

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