लोकसभा में बुधवार (2 अप्रैल) को वक्फ संशोधन बिल पेश किया गया, जिस पर पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हुई। राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट की है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने वक्फ बिल को मुसलमानों के खिलाफ बताया है। उन्होंने संसद में कहा कि इस बिल से देश के मुसलमानों को यह संदेश जा रहा है कि यह मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है।
बेनीवाल ने मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद दिलाते हुए कहा कि सरकार को ऐसे विधेयक लाते समय उनका योगदान नहीं भूलना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मुस्लिम समुदाय में गलत संदेश न जाए। उन्होंने मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, अशफाकुल्लाह खान और मौलाना मोहम्मद अली जोर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का उल्लेख किया।
बेनीवाल ने बताया कि जब यह बिल आया था, तो संसद में गर्मा-गर्मी का माहौल बन गया था, जिसके बाद सरकार ने इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने का फैसला किया। हालांकि, जेपीसी में विपक्ष के सुझावों को नजरअंदाज किया गया और संशोधन केवल औपचारिकता के लिए किए गए। बेनीवाल ने मांग की कि इस मामले पर खुले मन से विचार किया जाना चाहिए।
हनुमान बेनीवाल ने सदन में सरकार से सवाल पूछा कि वक्फ बिल की संपत्ति को लेकर पिछले कुछ समय से जो आरोप लगाए जा रहे हैं, क्या यह बिल उन्हीं आरोपों के समाधान के लिए है या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा है।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह संशोधित बिल धार्मिक स्वतंत्रता में दखल देगा? उनका सवाल था कि अगर ऐसा नहीं है, तो देश का आम मुस्लिम इसका विरोध क्यों कर रहा है? उन्होंने अपने क्षेत्र मकराना, लाडनू, नागौर और डीडवाना के लोगों की चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि इस बिल से आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक असमानताओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार की नीतियों में बदलाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुसलमानों की शिक्षा और रोजगार की स्थिति में कोई व्यापक सुधार नहीं दिख रहा है।
बेनीवाल ने यह आशंका भी जताई कि कहीं वक्फ की संपत्ति को सरकारी संपत्ति घोषित करने की साजिश तो नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि इस बिल से सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं और सरकार की नीतियां उद्योगपतियों के हित को देखकर बनती हैं। उन्होंने कहा कि जमीन को धार्मिक और सामाजिक कल्याण के लिए लिया गया था, लेकिन उसे हड़प कर बड़े उद्योगपतियों को बांटना मुस्लिम समुदाय के हित के खिलाफ होगा। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि इस बिल से मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का हनन न हो।
लेखक: निमिषा श्रीवास्तव
*आज सदन में वफ्फ संशोधन विधेयक 2025 पर हुई चर्चा में भाग लिया,सदन में दिया गया वक्तव्य आपके साथ साझा कर रहा हुं | pic.twitter.com/TzldxRf51o
— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) April 2, 2025
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