पटना ट्रिपल एनकाउंटर: पुलिस के दावे पर परिजनों का कड़ा प्रहार, उठाए 5 गंभीर सवाल
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पटना में पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार हत्याकांड के तीन आरोपियों के एनकाउंटर के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस इसे एक बड़ी कामयाबी बता रही है, लेकिन मारे गए युवकों के परिजनों ने इसे फर्जी एनकाउंटर करार देकर पूरे ऑपरेशन की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस का दावा: मास्टरमाइंड समेत तीन ढेर

पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, शुक्रवार सुबह पटना पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में बबलू कुमार, सूरज कुमार और जेपी यादव मारे गए। पुलिस का दावा है कि बबलू और सूरज शूटर थे, जबकि जेपी यादव इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता था। पुलिस ने इन तीनों का आपराधिक इतिहास भी जारी किया है।

परिजनों के 5 तीखे सवाल

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए परिजनों ने ये अहम बिंदु रखे हैं:

  1. बुलावा किसने दिया? जेपी यादव की पत्नी का आरोप है कि उनके पति पंजाब में थे। पुलिस को यह कैसे पता चला कि वे कब और कैसे पटना लौट रहे थे? उन्हें वहां से किसने बुलाया?
  2. क्या कोई एफआईआर थी? पत्नी का दावा है कि जेपी यादव के खिलाफ पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड में कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज ही नहीं थी, फिर उसे अपराधी मानकर एनकाउंटर क्यों किया गया?
  3. ससुराल जा रहे थे जेपी: मृतक के भाई का कहना है कि जेपी की आखिरी बार रात 11 बजे फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि ससुर की तबीयत खराब है और वे उनसे मिलने जा रहे हैं, लेकिन अचानक एनकाउंटर की खबर मिली।
  4. साजिश का आरोप: परिजनों ने गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों पर साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुराने विवाद के चलते वार्ड पार्षद और अन्य लोगों ने पुलिस को गलत जानकारी देकर फंसाया है।
  5. ट्रेन से उतारकर हत्या? ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने किसी मुठभेड़ के बजाय जेपी यादव को चलती ट्रेन से उतारकर गोली मारी है।

जांच के आदेश, ग्रामीणों का प्रदर्शन

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे संबंधित पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दानापुर के एएसपी ने स्थिति को देखते हुए मामले की जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, पुलिस के ऑपरेशन और परिजनों के आरोपों के बीच का विरोधाभास इस मामले को और पेचीदा बना रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच में एनकाउंटर की सच्चाई सामने आ पाएगी या यह मामला सिर्फ दावों की भेंट चढ़ जाएगा।

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