प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नक्सलवाद को एक लाइलाज बीमारी मानकर इसे इसके हाल पर छोड़ दिया था।
पीएम मोदी ने कहा कि 2004 से 2013 के बीच देश में नक्सली खतरे से निपटने के लिए न तो कोई सुनियोजित रणनीति थी और न ही आवश्यक राजनीतिक इच्छाशक्ति।
प्रधानमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2004 से 2013 के दौरान की स्थिति भयावह थी। उस समय हर साल सुरक्षा बलों के शहीद होने वाले जवानों की संख्या, मारे गए नक्सलियों से अधिक होती थी।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश की राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हुई। इसके बाद 20 राज्यों के 230 से अधिक प्रभावित जिलों में निर्णायक अभियान चलाए गए, जिससे नक्सली हिंसा पर प्रभावी लगाम लगी। पहले जहां एक साल में 2,000 से अधिक हमले होते थे, अब स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।
पीएम मोदी ने 2010 में दंतेवाड़ा में हुए उस भयावह हमले को याद किया, जिसमें सीआरपीएफ के 76 जवान और 44 नागरिक शहीद हो गए थे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अकेले छत्तीसगढ़ में 1,000 से अधिक जवान शहीद हुए, लेकिन उस समय महलों में रहने वाले तत्कालीन प्रभावशाली नेताओं की ओर से संवेदना का एक शब्द तक नहीं निकला।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत ऐसी स्थिति को कभी स्वीकार नहीं कर सकता जहाँ दुश्मनों के हमलों का करारा जवाब न दिया जाए।
नक्सल विरोधी अभियानों में मिली ऐतिहासिक कामयाबी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 47 वर्षों में यह पहली बार हुआ है, जब पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ के किसी भी जवान की जान नहीं गई।
इस सफलता का पूरा श्रेय उन्होंने सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और राज्य पुलिस बलों के साहस और संयम को दिया।
सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे पीएम मोदी ने कहा कि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की जनता का विश्वास सरकार के प्रति बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि दशकों पुरानी लड़ाई जीतने के बाद यह पहली ऐसी दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सली खौफ से मुक्त हो चुका है। बस्तर अब हिंसा की छाया से बाहर निकलकर विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है।
*#WATCH | Bastar, Chhattisgarh | Prime Minister Narendra Modi says, If you look at the figures from 2004 to 2013, you will find that every year, the number of our brave soldiers martyred was higher than the number of Naxalites killed. Unfortunately, the governments of that time… https://t.co/MnlZudUXWE pic.twitter.com/dySbBLlh93
— ANI (@ANI) November 8, 2026
विक्रोली स्टेशन पर मौत की ओर बढ़ा कदम, जांबाज यात्री ने ट्रैक पर कूदकर बचाई युवक की जान
मुंबई के कामगार स्टेडियम में भड़की भीषण आग, दमकल की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
1 जनवरी 2027 से बदलेंगे चेक बुक के नियम? आरबीआई ने वायरल दावे की खोली पोल
दिवाली धमाका: अंडर-19 एशिया कप में आज भारत-पाकिस्तान की महाजंग, जानें कब और कहां देखें लाइव
IND U19 vs PAK U19: कौन हैं अर्जुन राजपूत? पाकिस्तान के खिलाफ जड़ा दमदार शतक, अकेले ही गेंदबाजों को धो डाला
बस्तर में पीएम मोदी की खास दिवाली: नक्सलवाद मुक्त क्षेत्र में जवानों के साथ मनाया जश्न
दिवाली की खुशियां बनीं मातम: बेकाबू थार ने स्कूटर सवार को 30 मीटर तक घसीटा, मौके पर मौत
EXPLAINER: क्या है DLS मैथड, जिसने दूसरे वनडे में भारत को दिलाई जीत? जानिए इसका पूरा गणित
दिवाली की खुशियां बनीं मातम: पत्नी के लिए साड़ी लेकर लौट रहे युवक को थार ने कुचला, घर से महज 500 मीटर पहले मौत
दिवाली पर खाली जेब : सरकारी वेतन में देरी पर मचा सियासी घमासान, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश