जीत मिली बस वही काफी है : कीवी गेंदबाजों के सामने पस्त हुई टीम इंडिया, गिल ने खोला जीत का राज
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न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में भारतीय टीम ने डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के तहत 4 रन से जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही भारत ने 5 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। भारतीय गेंदबाजों ने कीवी टीम को महज 134 रनों पर समेट दिया था, लेकिन जवाब में भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

बल्लेबाजी के लिए जहन्नुम बनी वेलिंगटन की पिच

135 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 111 रन के स्कोर पर ही अपने 7 विकेट गंवा चुकी थी। पिच की चुनौतियों पर बात करते हुए कप्तान शुभमन गिल ने कहा, जब तक जीत मिल रही है, सब ठीक है। लेकिन यहां बल्लेबाजी करना बिल्कुल भी आसान नहीं था। 134 रन का लक्ष्य आसान लग रहा था, पर मैदान पर स्थिति बिल्कुल अलग थी।

गुरनूर बरार की घातक गेंदबाजी

मैच के असली हीरो युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार रहे। उन्होंने 10 ओवर में केवल 30 रन देकर 4 विकेट चटकाए और कीवी बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

कप्तान गिल ने गुरनूर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, गुरनूर के पास गति और उछाल है, जो एक तेज गेंदबाज के लिए सबसे जरूरी है। जैसे-जैसे उन्हें अनुभव मिलेगा, वे और अधिक घातक होते जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दबाव में खेलने का ही नाम है।

DLS का डर और खराब शॉट्स पर गिल की नाराजगी

सीरीज में बढ़त बनाने के बावजूद गिल टीम के आखिरी पलों के खेल से पूरी तरह खुश नहीं थे। खराब मौसम के कारण मैच कभी भी रुक सकता था और ऐसे में टीम ने उम्मीद से दो विकेट ज्यादा गंवा दिए।

गिल ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, अगर हम DLS के कारण मैच हार जाते, तो वे आखिरी दो शॉट बिल्कुल अच्छे नहीं लगते। यह हमारे लिए बेहद खराब स्थिति हो सकती थी। हमें भविष्य में ऐसी गलतियों से बचना होगा।

क्या है भारत के लिए सबक?

हालांकि भारत ने मैच जीत लिया है, लेकिन बल्लेबाजी क्रम का लड़खड़ाना चिंता का विषय है। सीरीज के अगले मैचों में भारतीय बल्लेबाजों को कीवी परिस्थितियों और उछाल भरी पिचों के लिए अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। भारत ने भले ही सीरीज में पकड़ बना ली हो, लेकिन बल्लेबाजी में सुधार की अब भी काफी गुंजाइश है।

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