लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का जनाधार पूरी तरह खत्म हो चुका है और अब जनता इस पार्टी को सूबे से हमेशा के लिए बाहर करने की तैयारी कर चुकी है।
बंगाल चुनाव का मुद्दा और SIR पर सवाल अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने कहा कि SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने बार-बार आपत्ति जताई थी, लेकिन चुनाव आयोग के पास इन सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं था।
मतदाता सूची में धांधली का आरोप सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव के दौरान सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए गए। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर थी कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अखिलेश के अनुसार, लाखों लोग अपने लोकतांत्रिक मताधिकार से वंचित रह गए, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान में लिया था।
3 लाख सुरक्षा बलों की तैनाती पर घेरा अखिलेश यादव ने बंगाल चुनाव में 3 लाख केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती पर सवाल उठाते हुए इसे समानांतर प्रशासनिक ढांचा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन बलों और प्रशासन के समानांतर ढांचे का उपयोग केवल चुनाव को भाजपा के पक्ष में मोड़ने के लिए किया गया था।
यूपी से ही होगी भाजपा की विदाई अपनी बात दोहराते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, भाजपा यूपी से आई थी, और अब यूपी की जनता इसकी शानदार विदाई करने जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता भाजपा की राजनीति का असली चेहरा समझ चुकी है और आगामी चुनावों में इसका जवाब देगी।
योगी सरकार पर भी साधा निशाना इससे पहले भी अखिलेश यादव ने मतदाता सूची से नाम गायब होने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरा था। उन्होंने सवाल किया था कि जब वोटर लिस्ट से नाम काटे गए, तो प्रशासन को यह कैसे पता चला कि काटे गए लोगों का धर्म क्या है? उन्होंने 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम सूची से गायब होने के दावों पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था।
*#WATCH | Lucknow | Samajwadi Party President Akhilesh Yadav says, The Bharatiya Janata Party will be forever defeated in UP. People from various states, several political parties, and especially the opposition, raised questions about the SIR process, but the Election Commission… pic.twitter.com/TtY9d0MB3m
— ANI (@ANI) November 6, 2026
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